बनासकांठा ज़िले में खेती: आलू और सौंफ, एशिया की सबसे बड़ी डेयरी (बनास)
गुजरात का बनासकांठा ज़िला आलू और सौंफ, एशिया की सबसे बड़ी डेयरी (बनास) के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन बनास से सिंचित होती है और मुख्यतः बलुई दोमट मिट्टी पर है, जो सरसों, बाजरा, आलू के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं बनासकांठा की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
बनासकांठा में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें सरसों / राई, बाजरा, आलू, सौंफ हैं। सरसों स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए बनासकांठा के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की बलुई दोमट मिट्टी विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त है।
बनासकांठा में मिट्टी, पानी और सिंचाई
बलुई दोमट मिट्टी और बनास के पानी के साथ, बनासकांठा के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
बनासकांठा में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में बनासकांठा में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें बाजरा, मूँगफली, सरसों / राई थीं। अकेले बाजरा का रकबा 2,86,970 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 33%) था, और इसकी उपज 2,477 किग्रा/हेक्टेयर गुजरात के औसत से 2% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: ग्वार दाना का रकबा -80%, तंबाकू का रकबा +77%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | गुजरात औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| बाजरा | 2,86,970 | 7,10,916 | 2,477 | 2,531 | +13% |
| मूँगफली | 1,98,098 | 5,38,302 | 2,717 | 2,657 | +47% |
| सरसों / राई | 1,54,182 | 2,99,097 | 1,940 | 1,871 | +21% |
| अरंडी | 1,03,542 | 2,67,159 | 2,580 | 2,105 | +11% |
| गेहूँ | 63,204 | 1,79,004 | 2,832 | 3,017 | -11% |
| कपास | 22,567 | 78,235 | 589 | 3,018 | -48% |
| मक्का | 14,110 | 34,014 | 2,411 | 1,858 | +15% |
| तंबाकू | 7,310 | 21,428 | 2,931 | 2,290 | +77% |
| ज्वार | 5,679 | 6,334 | 1,115 | 1,534 | -22% |
| ग्वार दाना | 3,803 | 3,618 | 951 | 732 | -80% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। गुजरात औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
बनासकांठा का मौसम और बुवाई का समय
बनासकांठा में सालाना औसतन लगभग 643 मिमी बारिश होती है, जिसका 95% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश अगस्त में (231 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 42°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 10°C) होती हैं।
- आमतौर पर जुलाई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 95% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- मई में दिन का औसत 42°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 1 | 26° | 10° |
| फ़रवरी | 2 | 30° | 13° |
| मार्च | 4 | 35° | 18° |
| अप्रैल | 4 | 40° | 22° |
| मई | 7 | 42° | 26° |
| जून | 64 | 39° | 27° |
| जुलाई | 221 | 34° | 25° |
| अगस्त | 231 | 31° | 24° |
| सितंबर | 96 | 32° | 23° |
| अक्टूबर | 7 | 34° | 20° |
| नवंबर | 4 | 31° | 16° |
| दिसंबर | 2 | 27° | 11° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), बनासकांठा ज़िले के केंद्र (24.2694, 72.5368) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
बनासकांठा के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
बनासकांठा के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- साबरकांठा - 66 km
- सिरोही, Rajasthan - 67 km
- मेहसाणा - 76 km
- उदयपुर, Rajasthan - 90 km
- पाटन - 103 km
- जालोर, Rajasthan - 107 km
बनासकांठा ज़िले में किसान योजनाएं
बनासकांठा, गुजरात के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: