धुबरी ज़िले में खेती: पूर्वी हिमालयी क्षेत्र
असम मुख्य रूप से पूर्वी हिमालयी क्षेत्र कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय से अल्पाइन, पूरे क्षेत्र में सालाना 2000-4000mm बारिश)। इस क्षेत्र में अधिक वर्षा वाली सीढ़ीदार और झूम खेती, बागान फसलों के साथ आम है, मिट्टी ज़्यादातर अम्लीय लाल और लेटराइट पहाड़ी मिट्टी है और आमतौर पर धान / चावल, मक्का, आलू, अदरक, बड़ी इलायची, चाय, संतरा, अनानास उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), धुबरी की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में धुबरी की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
धुबरी में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में धुबरी में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, सरसों / राई, मक्का थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 84,268 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 59%) था, और इसकी उपज 2,653 किग्रा/हेक्टेयर असम के औसत से 19% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: उड़द का रकबा +91%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | असम औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 84,268 | 2,23,553 | 2,653 | 2,224 | -15% |
| सरसों / राई | 21,367 | 13,413 | 628 | 788 | +13% |
| मक्का | 12,448 | 44,834 | 3,602 | 4,744 | +1054% |
| उड़द | 12,009 | 8,008 | 667 | 675 | +91% |
| जूट | 8,510 | 85,748 | 1,814 | 12,137 | -17% |
| मसूर | 1,380 | 994 | 720 | 840 | +5% |
| गन्ना | 547 | 23,158 | 42,336 | 42,336 | +121% |
| रामतिल | 453 | 317 | 700 | 580 | +16% |
| तिल | 436 | 319 | 733 | 695 | -30% |
| मूंग | 413 | 539 | 1,305 | 829 | +335% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। असम औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
धुबरी का मौसम और बुवाई का समय
धुबरी में सालाना औसतन लगभग 2167 मिमी बारिश होती है, जिसका 67% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (419 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना अप्रैल है (दिन का औसत 34°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 10°C) होती हैं।
- आमतौर पर मई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सालाना लगभग 2167 मिमी बारिश के साथ मौसम में पानी भरपूर है; सिंचाई जितना ही खेत से पानी निकासी भी ज़रूरी है, और धान व बागानी फसलें यहां के मौसम के अनुकूल हैं।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 10°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 7 | 22° | 10° |
| फ़रवरी | 15 | 26° | 13° |
| मार्च | 41 | 31° | 17° |
| अप्रैल | 174 | 34° | 22° |
| मई | 286 | 33° | 25° |
| जून | 389 | 32° | 26° |
| जुलाई | 419 | 32° | 26° |
| अगस्त | 329 | 32° | 26° |
| सितंबर | 323 | 31° | 25° |
| अक्टूबर | 172 | 29° | 22° |
| नवंबर | 8 | 26° | 17° |
| दिसंबर | 4 | 22° | 12° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), धुबरी ज़िले के केंद्र (26.1323, 90.125) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
धुबरी के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
धुबरी के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- कोकराझार - 40 km
- गोलपाड़ा - 48 km
- बोंगाईगांव - 56 km
- कूचबिहार, West Bengal - 72 km
- चिरांग - 76 km
- अलीपुरद्वार, West Bengal - 87 km
धुबरी ज़िले में किसान योजनाएं
धुबरी, असम के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: