राजस्थान में मसूर: रकबा, उत्पादन और उपज

2024-25 में राजस्थान में मसूर का उत्पादन 27,171 टन (25,393 हेक्टेयर में, औसत उपज 1,070 किग्रा/हे.) रहा - ज़िलेवार आंकड़ों के अनुसार राज्यों में 6वां स्थान, देश के उत्पादन का 2%। 2019-20 की तुलना में उत्पादन +16% बदला।

वर्षरकबा (हेक्टेयर)उत्पादन (टन)उपज (किग्रा/हे.)
2019-2017,02423,4161,375
2020-2135,70548,1021,347
2021-2216,72922,1831,326
2022-2320,88428,7121,375
2023-2427,35134,2981,254
2024-2525,39327,1711,070

राजस्थान में मसूर के सबसे बड़े उत्पादक ज़िले (2024-25)

  1. Jhalawar: 11,676 टन (43%), उपज 1,441 किग्रा/हे.
  2. Jhunjhunu: 6,880 टन (25%), उपज 735 किग्रा/हे.
  3. Pratapgarh: 2,408 टन (9%), उपज 1,170 किग्रा/हे.
  4. Bhilwara: 2,392 टन (9%), उपज 1,026 किग्रा/हे.
  5. Deeg: 978 टन (4%), उपज 1,070 किग्रा/हे.

स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। राज्य का आंकड़ा = ज़िलेवार अनुमानों का जोड़।

राजस्थान में मसूर की खेती

राजस्थान भारत में मसूर का 5वां सबसे बड़ा उत्पादक है। ऊपर दिए गए भाव राजस्थान की APMC मंडियों के थोक भाव हैं। असली भाव ग्रेड, नमी और आवक पर निर्भर करता है।

मसूर एमएसपी और खरीद

मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹7,000/क्विंटल है। राजस्थान में सरकारी एजेंसियां इसी भाव पर खरीदती हैं, इसलिए एमएसपी से कम पर न बेचें।

राजस्थान में मसूर कहां बेचें

नज़दीकी APMC मंडी में बेचें, 2-3 मंडियों के भाव की तुलना करें, फसल ग्रेड करें (15-20% ज्यादा दाम), और eNAM पर रजिस्टर करें।