बिहार में जूट: रकबा, उत्पादन और उपज
2024-25 में बिहार में जूट का उत्पादन 7,63,169 टन (53,327 हेक्टेयर में, औसत उपज 14,311 किग्रा/हे.) रहा - ज़िलेवार आंकड़ों के अनुसार राज्यों में 2वां स्थान, देश के उत्पादन का 9%। 2019-20 की तुलना में उत्पादन +50% बदला।
| वर्ष | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) |
|---|---|---|---|
| 2019-20 | 48,390 | 5,09,650 | 10,532 |
| 2020-21 | 42,479 | 6,18,283 | 14,555 |
| 2021-22 | 51,078 | 7,13,283 | 13,965 |
| 2022-23 | 48,184 | 6,29,611 | 13,067 |
| 2023-24 | 52,997 | 7,85,239 | 14,817 |
| 2024-25 | 53,327 | 7,63,169 | 14,311 |
बिहार में जूट के सबसे बड़े उत्पादक ज़िले (2024-25)
- Katihar: 1,95,912 टन (26%), उपज 2,722 किग्रा/हे.
- Kishanganj: 1,88,012 टन (25%), उपज 2,408 किग्रा/हे.
- Araria: 1,37,785 टन (18%), उपज 2,504 किग्रा/हे.
- Purnia: 87,442 टन (11%), उपज 2,584 किग्रा/हे.
- Supaul: 87,098 टन (11%), उपज 3,116 किग्रा/हे.
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। राज्य का आंकड़ा = ज़िलेवार अनुमानों का जोड़।
बिहार में जूट की खेती
बिहार भारत में जूट का 2वां सबसे बड़ा उत्पादक है। ऊपर दिए गए भाव बिहार की APMC मंडियों के थोक भाव हैं। असली भाव ग्रेड, नमी और आवक पर निर्भर करता है।
जूट एमएसपी और खरीद
जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹5,925/क्विंटल है। बिहार में सरकारी एजेंसियां इसी भाव पर खरीदती हैं, इसलिए एमएसपी से कम पर न बेचें।
बिहार में जूट कहां बेचें
नज़दीकी APMC मंडी में बेचें, 2-3 मंडियों के भाव की तुलना करें, फसल ग्रेड करें (15-20% ज्यादा दाम), और eNAM पर रजिस्टर करें।