रागी (मंडुआ) के लिए खाद और उर्वरक
रागी या मंडुआ एक कठोर, पौष्टिक फसल है जो मुख्यतः कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड की पहाड़ियों में रोपाई और सीधी बुवाई दोनों से उगाई जाती है। यह कम पर संतुलित खाद और जैविक खाद पर

परिचय
रागी या मंडुआ एक कठोर, पौष्टिक फसल है जो मुख्यतः कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड की पहाड़ियों में रोपाई और सीधी बुवाई दोनों से उगाई जाती है। यह कम पर संतुलित खाद और जैविक खाद पर अच्छी प्रतिक्रिया देती है, और अक्सर छोटे किसान इसे कम लागत में उगाते हैं। नाइट्रोजन को आधार और एक या दो टॉप ड्रेसिंग में बाँटा जाता है, जबकि फॉस्फोरस और पोटाश बुवाई या रोपाई पर जाते हैं। सिंचित रागी बारानी से ज़्यादा खाद लेती है। ICAR और राज्य कृषि विश्वविद्यालय सिंचित और बारानी हालात के लिए स्पष्ट N:P:K सीमा देते हैं। नीचे की मात्राओं को मार्गदर्शन मानें और हमेशा अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड या ताज़ा मिट्टी जाँच और नज़दीकी KVK सलाह के अनुसार बदलें।
रागी (मंडुआ) के लिए अनुशंसित NPK मात्रा
सिंचित रागी के लिए ICAR की एक सामान्य सीमा लगभग 50 से 60 कि.ग्रा. N, 30 कि.ग्रा. P2O5 और 30 कि.ग्रा. K2O प्रति हेक्टेयर है, यानी लगभग 20 से 24 कि.ग्रा. N, 12 कि.ग्रा. P2O5 और 12 कि.ग्रा. K2O प्रति एकड़। बारानी रागी को कम, लगभग 40 कि.ग्रा. N, 20 कि.ग्रा. P2O5 और 20 कि.ग्रा. K2O प्रति हेक्टेयर चाहिए। खाद के रूप में सिंचित खुराक प्रति हेक्टेयर लगभग 65 कि.ग्रा. डीएपी, 90 से 110 कि.ग्रा. यूरिया और 50 कि.ग्रा. एमओपी है, या प्रति एकड़ लगभग 26 कि.ग्रा. डीएपी, 36 से 45 कि.ग्रा. यूरिया और 20 कि.ग्रा. एमओपी। डीएपी से कुछ नाइट्रोजन मिलने पर यूरिया घटाएँ। ये केवल सामान्य सीमाएँ हैं। हमेशा अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड या ताज़ा मिट्टी जाँच के अनुसार बदलें और नज़दीकी KVK से पुष्टि करें।
डालने का समय और तरीका
बुवाई या रोपाई पर पूरा फॉस्फोरस, पूरा पोटाश और लगभग आधी नाइट्रोजन आधार के रूप में डालें। बाकी नाइट्रोजन एक या दो टॉप ड्रेसिंग में दें: एक सामान्य तरीका है इसे बुवाई या रोपाई के लगभग 25 से 30 दिन और लगभग 45 दिन बाद बराबर बाँटना। बिना मिट्टी जाँच के सरल तरीके में कुछ विश्वविद्यालय बुवाई पर डीएपी की आधार खुराक और लगभग तीन सप्ताह बाद यूरिया टॉप ड्रेसिंग सुझाते हैं। हर टॉप ड्रेसिंग पर्याप्त नमी के समय दें ताकि नाइट्रोजन घुलकर जड़ों तक पहुँचे।
जैविक और जैव उर्वरक
बुवाई या रोपाई से पहले 5 से 10 टन अच्छी सड़ी गोबर खाद या कम्पोस्ट प्रति हेक्टेयर, यानी लगभग 2 से 4 टन प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएँ। रागी जैविक खाद पर खासकर अच्छी प्रतिक्रिया देती है और जैविक तथा प्राकृतिक खेती के लिए उपयुक्त है। 1.5 से 2.5 टन वर्मीकम्पोस्ट प्रति हेक्टेयर अच्छा विकल्प है। बीज या पौध की जड़ को एज़ोस्पिरिलम और पीएसबी जैव उर्वरकों से उपचारित करें ताकि नाइट्रोजन जुड़े और फॉस्फोरस मुक्त हो। रागी को दाल के साथ उगाना और अवशेष लौटाना मिट्टी उर्वरता बढ़ाता है, जो इस फसल की आमतौर की कम लागत वाली खेती के अनुकूल है।
सूक्ष्म पोषक और कमी के लक्षण
रागी काफी सहनशील है पर खराब और अपक्षयित मिट्टी पर सूक्ष्म पोषक कमी दिखा सकती है। ज़िंक की कमी बीच की पत्तियों पर शिराओं के बीच पीलेपन और छोटे धब्बों तथा बौने पौधों के रूप में दिखती है; जहाँ मिट्टी जाँच पुष्टि करे, बुवाई या रोपाई पर लगभग 20 से 25 कि.ग्रा. ज़िंक सल्फेट प्रति हेक्टेयर, यानी लगभग 8 से 10 कि.ग्रा. प्रति एकड़ डालें। लोहे की कमी, जिसमें नई पत्तियाँ पीली और शिराएँ हरी हों, क्षारीय और पहाड़ी मिट्टी में होती है और छिड़काव से बेहतर ठीक होती है। बहुत हल्की मिट्टी पर जिप्सम या सिंगल सुपर फॉस्फेट से गंधक मदद करती है।
सुझाव और सावधानियां
जैविक खाद का पूरा लाभ लें, क्योंकि रागी गोबर खाद पर अच्छी प्रतिक्रिया देती है और कम लागत तथा जैविक खेती के अनुकूल है। नाइट्रोजन को आधार और एक या दो टॉप ड्रेसिंग में बाँटें जो नमी के समय हों। बेहतर दक्षता के लिए नीम लेपित यूरिया चुनें। यूरिया का अधिक प्रयोग न करें, क्योंकि अधिकता से पौधे पत्तेदार होकर गिरते हैं और झुलसा बढ़ता है और ऐसी फसल पर पैसा बर्बाद होता है जिसे केवल कम खुराक चाहिए। रासायनिक खाद घटाने हेतु जैव उर्वरकों को जैविक खाद के साथ जोड़ें, और हमेशा अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड का पालन करें।
ये सामान्य अनुशंसाएं हैं। सही मात्रा के लिए अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड / मिट्टी जांच और स्थानीय KVK की सलाह लें। ज़रूरत से ज्यादा यूरिया न डालें।
सवाल-जवाब
रागी को प्रति एकड़ कितनी खाद चाहिए?
क्या रागी जैविक खेती के लिए अच्छी है?
रोपाई रागी में नाइट्रोजन टॉप ड्रेसिंग कब करें?
मेरी रागी पत्तियाँ शिराओं के बीच पीली क्यों हो रही हैं?
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किसानों से पूछें खाद उपलब्धता