मक्का के लिए खाद और उर्वरक
मक्का एक अधिक उपज देने वाली फसल है जो खरीफ, रबी और जायद में उगाई जाती है और पोषण पर बहुत अच्छी प्रतिक्रिया देती है। इसे प्रचुर नाइट्रोजन चाहिए और यह ज़िंक की कमी के प्रति बहुत संवेदनशील है।

परिचय
मक्का एक अधिक उपज देने वाली फसल है जो खरीफ, रबी और जायद में उगाई जाती है और पोषण पर बहुत अच्छी प्रतिक्रिया देती है। इसे प्रचुर नाइट्रोजन चाहिए और यह ज़िंक की कमी के प्रति बहुत संवेदनशील है। मक्का तेज़ी से बढ़ती है, इसलिए नाइट्रोजन को बाँटना ज़रूरी है ताकि घुटने की ऊँचाई और झालर निकलने की अवस्था पर, जब माँग सबसे अधिक होती है, पर्याप्त उपलब्ध रहे। फॉस्फोरस और पोटाश बुवाई पर बीज के पास डाले जाते हैं। ICAR और राज्य कृषि विश्वविद्यालय अधिकांश क्षेत्रों के लिए संतुलित N:P:K मात्रा के साथ ज़िंक-गंधक की सलाह देते हैं, जिसमें संकर किस्मों को संकुल से ज़्यादा चाहिए। नीचे के आँकड़े सामान्य सीमा हैं। इन्हें दाना या चारा मक्का, किस्म और सबसे बढ़कर अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड या ताज़ा मिट्टी जाँच और KVK सलाह के अनुसार बदलें।
मक्का के लिए अनुशंसित NPK मात्रा
संकर दाना मक्का के लिए ICAR की एक सामान्य सीमा लगभग 120 से 150 कि.ग्रा. N, 60 से 75 कि.ग्रा. P2O5 और 40 से 60 कि.ग्रा. K2O प्रति हेक्टेयर है, यानी लगभग 48 से 60 कि.ग्रा. N, 24 से 30 कि.ग्रा. P2O5 और 16 से 24 कि.ग्रा. K2O प्रति एकड़। खाद के रूप में प्रति हेक्टेयर यह लगभग 130 से 160 कि.ग्रा. डीएपी, 220 से 280 कि.ग्रा. यूरिया और 67 से 100 कि.ग्रा. एमओपी है, या प्रति एकड़ लगभग 52 से 65 कि.ग्रा. डीएपी, 90 से 113 कि.ग्रा. यूरिया और 27 से 40 कि.ग्रा. एमओपी। संकुल और चारा मक्का तथा बारानी फसल को कम चाहिए। डीएपी से कुछ नाइट्रोजन मिलने पर यूरिया घटाएँ। ये केवल सामान्य सीमाएँ हैं। हमेशा अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड या ताज़ा मिट्टी जाँच के अनुसार बदलें और नज़दीकी KVK से पुष्टि करें।
डालने का समय और तरीका
बुवाई पर पूरा फॉस्फोरस, पूरा पोटाश और लगभग एक चौथाई से एक तिहाई नाइट्रोजन आधार के रूप में बीज के पास डालें। अगली नाइट्रोजन घुटने की ऊँचाई पर, बुवाई के लगभग 25 से 30 दिन बाद, और उसके बाद झालर तथा रेशे निकलने की अवस्था पर, बुवाई के लगभग 45 से 55 दिन बाद दें। लम्बी अवधि की संकर किस्मों में दाना भरने पर एक छोटी आखिरी खुराक मदद करती है। नाइट्रोजन को तीन या चार खुराकों में बाँटना तेज़ बढ़त से मेल खाता है और नुकसान घटाता है, खासकर हल्की मिट्टी और सिंचाई में।
जैविक और जैव उर्वरक
बुवाई से पहले 8 से 10 टन अच्छी सड़ी गोबर खाद या कम्पोस्ट प्रति हेक्टेयर, यानी लगभग 3 से 4 टन प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएँ। 2 से 2.5 टन वर्मीकम्पोस्ट प्रति हेक्टेयर अच्छा विकल्प है। दलहन हरी खाद या दाल के बाद मक्का उगाना नाइट्रोजन आपूर्ति सुधारता है। बीज को एज़ोस्पिरिलम और पीएसबी जैव उर्वरकों से उपचारित करें ताकि नाइट्रोजन स्थिर हो और फॉस्फोरस मुक्त हो, जिससे कुछ रासायनिक खुराक बचती है। नियमित जैविक खाद मिट्टी कार्बन बढ़ाती है, हल्की मिट्टी में नमी रोकती है और यूरिया की ज़रूरत घटाती है।
सूक्ष्म पोषक और कमी के लक्षण
मक्का सबसे अधिक ज़िंक-संवेदनशील फसलों में है। ज़िंक की कमी नई पत्तियों की मध्य शिरा के दोनों ओर चौड़ी सफ़ेद से पीली पट्टी के रूप में दिखती है, कभी-कभी लाल आभा और छोटे पर्व के साथ। जहाँ मिट्टी जाँच में कमी हो, बुवाई पर लगभग 25 कि.ग्रा. ज़िंक सल्फेट प्रति हेक्टेयर, यानी लगभग 10 कि.ग्रा. प्रति एकड़ डालें, या जल्दी ठीक करने हेतु छिड़काव करें। गंधक की कमी नई पत्तियों के समग्र पीलेपन के रूप में दिखती है और जिप्सम या सिंगल सुपर फॉस्फेट से ठीक होती है। लोहे की कमी, जो नई पत्तियों की शिराओं के बीच पीलेपन के रूप में दिखती है, क्षारीय मिट्टी में आती है और छिड़काव से बेहतर ठीक होती है।
सुझाव और सावधानियां
नाइट्रोजन को तीन या चार खुराकों में बाँटें क्योंकि मक्का तेज़ी से बढ़ती है और एक भारी खुराक बर्बाद या नष्ट हो जाती है। धीमी और दक्ष नाइट्रोजन रिलीज़ के लिए नीम लेपित यूरिया चुनें। घुटने की ऊँचाई और झालर अवस्था पर नैनो यूरिया का छिड़काव पूरक हो सकता है, पर आधार और मुख्य मिट्टी खुराकें फिर भी ज़रूरी हैं। यूरिया का अधिक प्रयोग न करें, क्योंकि अधिकता से पौधे लम्बे-मुलायम होकर गिरते हैं और फॉल आर्मीवर्म तथा रोग बढ़ते हैं और पैसा बर्बाद होता है। जहाँ मिट्टी जाँच में कमी हो ज़िंक कभी न छोड़ें, और हमेशा अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड का पालन करें।
ये सामान्य अनुशंसाएं हैं। सही मात्रा के लिए अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड / मिट्टी जांच और स्थानीय KVK की सलाह लें। ज़रूरत से ज्यादा यूरिया न डालें।
सवाल-जवाब
मक्का की पत्तियों पर सफ़ेद धारियाँ क्यों दिख रही हैं?
मक्का में नाइट्रोजन टॉप ड्रेसिंग का सबसे अच्छा समय कब है?
संकर मक्का को प्रति एकड़ कितनी खाद चाहिए?
क्या खाद बचाने के लिए दाल के बाद मक्का उगा सकते हैं?
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