नारायणपेट ज़िले में खेती: दक्षिणी पठार और पहाड़ियाँ
तेलंगाना मुख्य रूप से दक्षिणी पठार और पहाड़ियाँ कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (अर्ध-शुष्क, पूरे क्षेत्र में सालाना 677-1000mm बारिश)। इस क्षेत्र में दक्षिणी दक्कन की वर्षा आधारित मोटे अनाज, मूंगफली और मिर्च की पट्टी आम है, मिट्टी ज़्यादातर लाल बलुई दोमट और उथली काली है और आमतौर पर रागी, ज्वार, मूँगफली, दालें, कपास, मिर्च, तिलहन उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), नारायणपेट की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में नारायणपेट की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
नारायणपेट में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में नारायणपेट में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, कपास, अरहर / तुअर थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 1,28,377 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 56%) था, और इसकी उपज 3,515 किग्रा/हेक्टेयर तेलंगाना के औसत से 3% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: धान / चावल का रकबा +114%, मूंग का रकबा +56%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | तेलंगाना औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 1,28,377 | 4,51,300 | 3,515 | 3,627 | +114% |
| कपास | 61,962 | 1,99,642 | 548 | 3,194 | -3% |
| अरहर / तुअर | 29,084 | 26,980 | 928 | 934 | -52% |
| ज्वार | 3,940 | 3,281 | 833 | 2,301 | -30% |
| मूँगफली | 3,385 | 5,710 | 1,687 | 2,106 | +37% |
| मूंग | 2,449 | 1,953 | 797 | 705 | +56% |
| गन्ना | 809 | 75,226 | 93,000 | 93,064 | +474% |
| अरंडी | 257 | 315 | 1,225 | 1,102 | -97% |
| उड़द | 221 | 281 | 1,270 | 1,462 | +750% |
| मक्का | 193 | 1,172 | 6,071 | 5,860 | -53% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। तेलंगाना औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
नारायणपेट का मौसम और बुवाई का समय
नारायणपेट में सालाना औसतन लगभग 719 मिमी बारिश होती है, जिसका 73% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश सितंबर में (155 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 40°C) और सबसे ठंडी रातें दिसंबर में (औसत 15°C) होती हैं।
- आमतौर पर जुलाई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- जनवरी में भी दिन का औसत तापमान 32°C रहता है, जो गेहूँ की अच्छी पैदावार के लिए ज़्यादा गर्म है; ठंड के मौसम में गर्मी सहने वाली दलहन, तिलहन और सब्ज़ियां बेहतर रहती हैं।
- मई में दिन का औसत 40°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 5 | 32° | 15° |
| फ़रवरी | 3 | 35° | 18° |
| मार्च | 17 | 38° | 22° |
| अप्रैल | 25 | 40° | 25° |
| मई | 47 | 40° | 27° |
| जून | 96 | 34° | 24° |
| जुलाई | 131 | 32° | 23° |
| अगस्त | 140 | 31° | 22° |
| सितंबर | 155 | 30° | 22° |
| अक्टूबर | 83 | 30° | 20° |
| नवंबर | 15 | 30° | 17° |
| दिसंबर | 2 | 31° | 15° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), नारायणपेट ज़िले के केंद्र (16.7006, 77.6165) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
नारायणपेट के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
नारायणपेट के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- महबूबनगर - 36 km
- यादगिर, Karnataka - 52 km
- वनपर्ती - 61 km
- विकाराबाद - 65 km
- जोगुलांबा गद्वाल - 68 km
- रंगारेड्डी - 96 km
नारायणपेट ज़िले में किसान योजनाएं
नारायणपेट, तेलंगाना के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: