मांड्या ज़िले में खेती: 'कर्नाटक का चीनी का कटोरा'
कर्नाटक का मांड्या ज़िला 'कर्नाटक का चीनी का कटोरा' के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन कावेरी, हेमावती से सिंचित होती है और मुख्यतः लाल और जलोढ़ मिट्टी पर है, जो गन्ना, धान, रागी के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं मांड्या की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
मांड्या में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें गन्ना, धान / चावल, रागी हैं। गन्ना स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए मांड्या के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की लाल और जलोढ़ मिट्टी उपजाऊ है, गेहूँ, धान, गन्ना और सब्ज़ियों के लिए आदर्श है।
मांड्या में मिट्टी, पानी और सिंचाई
लाल और जलोढ़ मिट्टी और कावेरी, हेमावती के पानी के साथ, मांड्या के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
मांड्या में मंडी भाव
मांड्या की मंडियों (K.R. Pet APMC) में 1 जून 2026 ये फसलें बिकीं, औसत भाव (प्रति क्विंटल) के साथ:
| फसल | न्यूनतम | अधिकतम | औसत भाव |
|---|---|---|---|
| Coconut | ₹15,000 | ₹30,000 | ₹15,000 |
| Tender Coconut | ₹10,000 | ₹40,000 | ₹15,000 |
स्रोत: मांड्या, कर्नाटक की Agmarknet दैनिक आवक (1 जून 2026)।
मांड्या में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में मांड्या में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें रागी, धान / चावल, गन्ना थीं। अकेले रागी का रकबा 82,257 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 44%) था, और इसकी उपज 1,561 किग्रा/हेक्टेयर कर्नाटक के औसत से 1% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: तिल का रकबा +212%, रागी का रकबा +71%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | कर्नाटक औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| रागी | 82,257 | 1,28,368 | 1,561 | 1,542 | +71% |
| धान / चावल | 64,678 | 2,02,232 | 3,127 | 3,345 | -3% |
| गन्ना | 26,587 | 27,91,152 | 1,04,983 | 89,000 | -29% |
| तिल | 7,293 | 4,845 | 664 | 699 | +212% |
| मक्का | 5,122 | 14,802 | 2,890 | 3,234 | +31% |
| उड़द | 799 | 470 | 589 | 587 | +72% |
| अरहर / तुअर | 501 | 196 | 391 | 572 | +37% |
| मूँगफली | 133 | 131 | 987 | 961 | -52% |
| मूंग | 95 | 41 | 430 | 427 | -76% |
| तंबाकू | 11 | 5 | 468 | 468 | -15% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। कर्नाटक औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
मांड्या का मौसम और बुवाई का समय
मांड्या में सालाना औसतन लगभग 884 मिमी बारिश होती है, जिसका 53% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश सितंबर में (138 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मार्च है (दिन का औसत 36°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 15°C) होती हैं।
- आमतौर पर मई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- जनवरी में भी दिन का औसत तापमान 31°C रहता है, जो गेहूँ की अच्छी पैदावार के लिए ज़्यादा गर्म है; ठंड के मौसम में गर्मी सहने वाली दलहन, तिलहन और सब्ज़ियां बेहतर रहती हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 2 | 31° | 15° |
| फ़रवरी | 4 | 34° | 17° |
| मार्च | 20 | 36° | 20° |
| अप्रैल | 64 | 36° | 23° |
| मई | 118 | 33° | 22° |
| जून | 97 | 29° | 20° |
| जुलाई | 120 | 28° | 20° |
| अगस्त | 116 | 28° | 19° |
| सितंबर | 138 | 28° | 19° |
| अक्टूबर | 135 | 28° | 19° |
| नवंबर | 56 | 27° | 17° |
| दिसंबर | 14 | 28° | 15° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), मांड्या ज़िले के केंद्र (12.6369, 76.7275) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
मांड्या के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
मांड्या के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- मैसूरु - 51 km
- हासन - 74 km
- चामराजनगर - 82 km
- तुमकुरु - 89 km
- बेंगलुरु शहरी - 96 km
- बेंगलुरु ग्रामीण - 107 km
मांड्या ज़िले में किसान योजनाएं
मांड्या, कर्नाटक के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: