डिब्रूगढ़ ज़िले में खेती: उत्तम असम चाय की पट्टी
असम का डिब्रूगढ़ ज़िला उत्तम असम चाय की पट्टी के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन ब्रह्मपुत्र से सिंचित होती है और मुख्यतः जलोढ़ मिट्टी पर है, जो चाय, धान, गन्ना के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं डिब्रूगढ़ की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
डिब्रूगढ़ में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें चाय, धान / चावल, गन्ना हैं। चाय स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए डिब्रूगढ़ के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की जलोढ़ मिट्टी उपजाऊ है, गेहूँ, धान, गन्ना और सब्ज़ियों के लिए आदर्श है।
डिब्रूगढ़ में मिट्टी, पानी और सिंचाई
जलोढ़ मिट्टी और ब्रह्मपुत्र के पानी के साथ, डिब्रूगढ़ के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
डिब्रूगढ़ में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में डिब्रूगढ़ में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, सरसों / राई, उड़द थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 75,097 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 95%) था, और इसकी उपज 1,828 किग्रा/हेक्टेयर असम के औसत से 18% कम रही।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | असम औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 75,097 | 1,37,263 | 1,828 | 2,224 | -1% |
| सरसों / राई | 2,708 | 2,399 | 886 | 788 | +17% |
| उड़द | 735 | 503 | 685 | 675 | +11% |
| मक्का | 154 | 795 | 5,147 | 4,744 | +23% |
| मसूर | 136 | 85 | 625 | 840 | +240% |
| मूंग | 129 | 97 | 753 | 829 | +43% |
| गन्ना | 100 | 4,234 | 42,336 | 42,336 | 0% |
| गेहूँ | 66 | 89 | 1,350 | 1,349 | +633% |
| तिल | 62 | 37 | 596 | 695 | +47% |
| अरहर / तुअर | 32 | 26 | 800 | 859 | -41% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। असम औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
डिब्रूगढ़ का मौसम और बुवाई का समय
डिब्रूगढ़ में सालाना औसतन लगभग 2430 मिमी बारिश होती है, जिसका 66% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (494 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना अगस्त है (दिन का औसत 34°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 11°C) होती हैं।
- आमतौर पर मई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सालाना लगभग 2430 मिमी बारिश के साथ मौसम में पानी भरपूर है; सिंचाई जितना ही खेत से पानी निकासी भी ज़रूरी है, और धान व बागानी फसलें यहां के मौसम के अनुकूल हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 19 | 23° | 11° |
| फ़रवरी | 45 | 26° | 13° |
| मार्च | 88 | 29° | 17° |
| अप्रैल | 221 | 32° | 20° |
| मई | 303 | 33° | 23° |
| जून | 402 | 34° | 25° |
| जुलाई | 494 | 33° | 26° |
| अगस्त | 393 | 34° | 26° |
| सितंबर | 320 | 32° | 24° |
| अक्टूबर | 117 | 30° | 21° |
| नवंबर | 20 | 26° | 16° |
| दिसंबर | 8 | 23° | 13° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), डिब्रूगढ़ ज़िले के केंद्र (27.4006, 94.9951) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
डिब्रूगढ़ के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
डिब्रूगढ़ के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
डिब्रूगढ़ ज़िले में किसान योजनाएं
डिब्रूगढ़, असम के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: