गन्ना के लिए खाद और उर्वरक
गन्ना एक लम्बी अवधि की, अधिक उपज देने वाली नकदी फसल है जो 10 से 18 महीने खेत में रहती है और बड़ी मात्रा में पोषक तत्व निकालती है, इसलिए इसे भारी पर अच्छी तरह बँटी खाद योजना चाहिए। नाइट्रोजन

परिचय
गन्ना एक लम्बी अवधि की, अधिक उपज देने वाली नकदी फसल है जो 10 से 18 महीने खेत में रहती है और बड़ी मात्रा में पोषक तत्व निकालती है, इसलिए इसे भारी पर अच्छी तरह बँटी खाद योजना चाहिए। नाइट्रोजन ग्रैंड ग्रोथ अवस्था तक तीन या चार भागों में दी जाती है, जबकि फॉस्फोरस रोपाई पर और पोटाश रोपाई तथा मिट्टी चढ़ाने के बीच बाँटी जाती है। फसल इतनी लम्बी चलती है कि एक भारी खुराक बर्बाद होती है और समय अनाज से ज़्यादा मायने रखता है। गन्ने को अक्सर गंधक, ज़िंक और लोहे की ज़रूरत होती है, खासकर हल्की और चूनेदार मिट्टी में। ICAR और राज्य कृषि विश्वविद्यालय क्षेत्र-विशिष्ट N:P:K सीमा देते हैं जो राज्य और मौसम से बहुत बदलती है। नीचे के आँकड़ों को मार्गदर्शन मानें और हमेशा अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड या ताज़ा मिट्टी जाँच, किस्म तथा फसल प्रकार, और नज़दीकी KVK या चीनी मिल सलाह के अनुसार बदलें।
गन्ना के लिए अनुशंसित NPK मात्रा
गन्ने के लिए ICAR और राज्य सलाह बहुत बदलती है, आमतौर पर लगभग 250 से 300 कि.ग्रा. N, 60 से 85 कि.ग्रा. P2O5 और 60 से 120 कि.ग्रा. K2O प्रति हेक्टेयर, यानी लगभग 100 से 120 कि.ग्रा. N, 24 से 34 कि.ग्रा. P2O5 और 24 से 48 कि.ग्रा. K2O प्रति एकड़। उष्णकटिबंधीय राज्य और अडसाली या लम्बी अवधि की फसल ऊपरी छोर का उपयोग करते हैं। खाद के रूप में एक सामान्य खुराक प्रति हेक्टेयर लगभग 130 से 185 कि.ग्रा. डीएपी, 480 से 560 कि.ग्रा. यूरिया और 100 से 200 कि.ग्रा. एमओपी है, जिसका सही मिश्रण आपके आधार ग्रेड पर निर्भर है। पेड़ी फसल को अक्सर अतिरिक्त नाइट्रोजन चाहिए। ये क्षेत्र से बहुत बदलती हैं, इसलिए हमेशा अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड या ताज़ा मिट्टी जाँच के अनुसार बदलें और अपने नज़दीकी KVK, चीनी मिल या राज्य कृषि विश्वविद्यालय से पुष्टि करें।
डालने का समय और तरीका
रोपाई पर कूँड़ में पूरा फॉस्फोरस, लगभग एक तिहाई पोटाश और नाइट्रोजन की छोटी शुरुआती खुराक डालें। नाइट्रोजन तीन या चार भागों में दें: लगभग 30 से 45 दिन पर, कल्ले निकलने के दौरान 60 से 90 दिन पर, और आखिरी मुख्य भाग बाकी पोटाश के साथ लगभग 120 से 135 दिन पर मिट्टी चढ़ाते समय, ग्रैंड ग्रोथ अवस्था से पहले। ग्रैंड ग्रोथ अवस्था के बाद नाइट्रोजन न डालें, क्योंकि देर की नाइट्रोजन चीनी रिकवरी घटाती और फसल गिराती है। पेड़ी हेतु पिछली कटाई के तुरंत बाद नाइट्रोजन शुरू करें और इसी विभाजन का पालन करें।
जैविक और जैव उर्वरक
रोपाई से पहले 10 से 25 टन अच्छी सड़ी गोबर खाद, कम्पोस्ट या प्रेसमड प्रति हेक्टेयर, यानी लगभग 4 से 10 टन प्रति एकड़ डालें, क्योंकि यह लम्बी फसल जैविक पदार्थ से बहुत लाभ पाती है। जहाँ उपलब्ध हो चीनी मिल का प्रेसमड और स्पेंट वॉश मूल्यवान हैं। रोपाई से पहले ढैंचा या सनई की हरी खाद नाइट्रोजन जोड़ती और मिट्टी सुधारती है। सेट उपचारित करें और एज़ोटोबैक्टर, एज़ोस्पिरिलम तथा पीएसबी जैव उर्वरक डालें, जो नाइट्रोजन और फॉस्फोरस का उपयोगी हिस्सा बचा सकते हैं। गन्ने की पत्तियों का ट्रैश मल्चिंग नमी बचाता और पोटैशियम मिट्टी में लौटाता है।
सूक्ष्म पोषक और कमी के लक्षण
गन्ने को आमतौर पर गंधक, ज़िंक और लोहे की ज़रूरत होती है, खासकर हल्की और चूनेदार मिट्टी में। ज़िंक की कमी नई पत्तियों पर शिराओं के बीच सफ़ेद से पीली धारियों और छोटे पर्व के रूप में दिखती है; जहाँ मिट्टी जाँच पुष्टि करे लगभग 25 कि.ग्रा. ज़िंक सल्फेट प्रति हेक्टेयर डालें। लोहे की कमी, जो चूनेदार मिट्टी में आम है, नई पत्तियाँ पीली और शिराएँ हरी के रूप में दिखती है और फेरस सल्फेट छिड़काव से बेहतर ठीक होती है। गंधक की कमी नई पत्तियों के पीलेपन के रूप में दिखती है और जिप्सम या सिंगल सुपर फॉस्फेट से ठीक होती है, जो रस गुणवत्ता भी सुधारती है। सूक्ष्म पोषक केवल मिट्टी जाँच के अनुसार डालें।
सुझाव और सावधानियां
लम्बी बढ़त अवधि में नाइट्रोजन को तीन या चार भागों में बाँटें, क्योंकि यह फसल एक भारी खुराक उपयोग नहीं कर सकती और अधिशेष बर्बाद होता है। इस लम्बी फसल में धीमी रिलीज़ हेतु नीम लेपित यूरिया चुनें। फॉस्फोरस रोपाई पर कूँड़ में डालें और आखिरी पोटाश मिट्टी चढ़ाने के साथ दें। ग्रैंड ग्रोथ अवस्था के बाद नाइट्रोजन न डालें, क्योंकि देर की नाइट्रोजन चीनी रिकवरी घटाती और फसल गिराती है। रासायनिक खाद लागत घटाने हेतु प्रेसमड, ट्रैश मल्च और जैव उर्वरक उपयोग करें। योजना हमेशा अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड और नज़दीकी KVK या मिल सलाह पर आधारित रखें।
ये सामान्य अनुशंसाएं हैं। सही मात्रा के लिए अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड / मिट्टी जांच और स्थानीय KVK की सलाह लें। ज़रूरत से ज्यादा यूरिया न डालें।
सवाल-जवाब
गन्ने को नाइट्रोजन की कितनी खुराकें चाहिए?
ग्रैंड ग्रोथ अवस्था के बाद नाइट्रोजन क्यों रोकें?
क्या प्रेसमड गन्ने के लिए अच्छा है?
क्या पेड़ी गन्ने को ज़्यादा खाद चाहिए?
गन्ना के कीट और रोग
अपनी मिट्टी और फसल पर सलाह लें
किसानों से पूछें गन्ना का भाव खाद उपलब्धता