🌾 Wheat₹2,550/qtl▼50 🧅 Onion₹4,500/qtl▲200 🍅 Tomato₹2,500/qtl▲250 🥔 Potato₹1,200/qtl▼100 🫘 Soybean₹5,670/qtl▼230 🪴 Cotton₹8,500/qtl▼450 🌿 Mustard₹7,500/qtl▲69 🌽 Maize₹2,291/qtl▼23 🧄 Garlic₹15,000/qtl 🍚 Rice₹3,100/qtl▼1,000 🌾 Wheat₹2,550/qtl▼50 🧅 Onion₹4,500/qtl▲200 🍅 Tomato₹2,500/qtl▲250 🥔 Potato₹1,200/qtl▼100 🫘 Soybean₹5,670/qtl▼230 🪴 Cotton₹8,500/qtl▼450 🌿 Mustard₹7,500/qtl▲69 🌽 Maize₹2,291/qtl▼23 🧄 Garlic₹15,000/qtl 🍚 Rice₹3,100/qtl▼1,000
खाद और पोषण

केला के लिए खाद और उर्वरक

केला फलदार फसलों में सबसे ज़्यादा पोषक तत्व खींचने वाली फसल है और मिट्टी से भारी मात्रा में नाइट्रोजन और पोटाश लेता है। अच्छे घौद का वज़न रोपाई से लेकर घौद निकलने तक लगातार संतुलित पोषण देने

केला के लिए खाद और उर्वरक गाइड

परिचय

केला फलदार फसलों में सबसे ज़्यादा पोषक तत्व खींचने वाली फसल है और मिट्टी से भारी मात्रा में नाइट्रोजन और पोटाश लेता है। अच्छे घौद का वज़न रोपाई से लेकर घौद निकलने तक लगातार संतुलित पोषण देने पर मिलता है, एक बार में बड़ी मात्रा डालने से नहीं। ICAR-NRCB और राज्य कृषि विश्वविद्यालय अधिक N और K तथा मध्यम फॉस्फोरस की सलाह देते हैं, जिसे कई छोटी मात्राओं में या ड्रिप फर्टिगेशन से देना चाहिए। पोटाश बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसी से फल का भराव, घौद की श्रेणी और टिकाऊपन तय होता है। केला रोपाई के समय भरपूर गोबर खाद और जैव उर्वरकों पर भी अच्छी प्रतिक्रिया देता है। नीचे दिए आँकड़े प्रति पौधा प्रति वर्ष की शुरुआती सीमा हैं। इन्हें अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड या ताज़ा मिट्टी जाँच, अपनी किस्म जैसे ग्रैंड नैन या नेंद्रन और स्थानीय KVK की सलाह के अनुसार बदलें।

केला के लिए अनुशंसित NPK मात्रा

सामान्य सीमा लगभग 150 से 250 ग्राम N, 40 से 100 ग्राम P2O5 और 200 से 400 ग्राम K2O प्रति पौधा प्रति वर्ष होती है, जो किस्म और क्षेत्र पर निर्भर करती है। ग्रैंड नैन के लिए लगभग 200:60:300 ग्राम NPK प्रति पौधा आम है, जबकि नेंद्रन जैसी लंबी किस्मों को 250:150:400 ग्राम तक चाहिए। यह लगभग 330 से 540 ग्राम यूरिया, 250 से 640 ग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट और 330 से 670 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधा प्रति वर्ष होता है। इन्हें केवल शुरुआती सीमा मानें और अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ताज़ा मिट्टी जाँच और KVK की सलाह से ठीक करें।

डालने का समय और तरीका

रोपाई के समय पूरा फॉस्फोरस और गोबर खाद के साथ एक तिहाई नाइट्रोजन और पोटाश डालें। बची हुई नाइट्रोजन और पोटाश को कम से कम 4 से 6 मात्राओं में बाँटें जो लगभग रोपाई के बाद दूसरे, तीसरे, चौथे, पाँचवें और छठे महीने में दें, और पोटाश घौद निकलने से पहले पूरा कर लें। ड्रिप फर्टिगेशन में हर सप्ताह या पखवाड़े छोटी मात्रा दें तो सबसे अच्छा रहता है। घौद निकलने के बाद भारी नाइट्रोजन बंद कर दें और अच्छे फल भराव के लिए पोटाश पर ध्यान दें। खाद को तने से 20 से 30 सेंमी दूर गोल घेरे में डालें और हर मात्रा के बाद तुरंत सिंचाई करें।

जैविक और जैव उर्वरक

रोपाई के समय प्रति पौधा 8 से 10 किलो अच्छी सड़ी गोबर खाद या कम्पोस्ट डालें और रैटून फसल के लिए हर साल दोहराएँ। 2 से 5 किलो वर्मीकम्पोस्ट प्रति पौधा कुछ हद तक गोबर खाद की जगह ले सकता है। पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सकर या मिट्टी को एज़ोस्पाइरिलम और फॉस्फेट घोलक जीवाणु जैसे जैव उर्वरकों से लगभग 25 से 50 ग्राम प्रत्येक प्रति पौधा उपचारित करें। हरी खाद और कतारों के बीच फसल अवशेष या पत्तियों की पलवार जैविक पदार्थ बढ़ाने, नमी बचाने और पोटाश को मिट्टी में वापस लाने में मदद करती है।

सूक्ष्म पोषक और कमी के लक्षण

केले में ज़िंक की कमी सबसे आम है और यह नई पत्तियों पर पीली हरी धारीदार या चितकबरी दिखती है तथा पत्तियाँ पतली और गुच्छेदार हो जाती हैं। लोहे की कमी से नई पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं पर मध्य शिरा हरी रहती है। मैग्नीशियम की कमी से पुरानी पत्तियों के किनारे पीले पड़ते हैं और डंठल नीले बैंगनी हो सकते हैं। इन्हें ठीक करने के लिए 0.5 प्रतिशत ज़िंक सल्फेट, 0.5 प्रतिशत फेरस सल्फेट या 0.5 प्रतिशत मैग्नीशियम सल्फेट का छिड़काव करें, और बोरॉन तभी दें जब मिट्टी या पत्ती जाँच में कमी दिखे। सूक्ष्म तत्वों का छिड़काव करने से पहले हमेशा पत्ती जाँच या KVK की सलाह से पुष्टि करें।

सुझाव और सावधानियां

केले को खिलाने का सबसे अच्छा तरीका ड्रिप फर्टिगेशन है क्योंकि इससे छोटी और बार बार मात्रा मिलती है और खाद बचती है। पूरी फसल में और खासकर घौद बनने से पहले और दौरान पोटाश ऊँचा रखें। खाद नम मिट्टी में डालें और कभी तने से सटाकर न डालें क्योंकि इससे जड़ें जल सकती हैं। पूरी नाइट्रोजन शुरू में न डालें क्योंकि इससे बेहिसाब बढ़वार होती है और पौधा गिर जाता है। आखिरी हाथ बनने के बाद नर कली हटा दें और थाला खरपतवार मुक्त रखें। रैटून फसल के लिए चुने हुए सकर को उसी विभाजित अनुसूची पर खिलाना शुरू करें।

ये सामान्य अनुशंसाएं हैं। सही मात्रा के लिए अपने मृदा स्वास्थ्य कार्ड / मिट्टी जांच और स्थानीय KVK की सलाह लें। ज़रूरत से ज्यादा यूरिया न डालें।

सवाल-जवाब

एक केले के पौधे को साल भर में कितनी खाद चाहिए?
किस्म के अनुसार लगभग 150 से 250 ग्राम N, 40 से 100 ग्राम P2O5 और 200 से 400 ग्राम K2O प्रति पौधा प्रति वर्ष। ग्रैंड नैन के लिए लगभग 200:60:300 ग्राम NPK प्रति पौधा आम है। इसे अपनी मिट्टी जाँच और KVK की सलाह से बदलें।
केले के लिए पोटाश इतना ज़रूरी क्यों है?
पोटाश से फल का भराव, घौद का वज़न, श्रेणी और टिकाऊपन तय होता है। केला किसी भी अन्य पोषक तत्व से ज़्यादा पोटाश खींचता है, इसलिए पूरी फसल में और खासकर घौद बनने से पहले और दौरान पोटाश ऊँचा रखें।
क्या केले के लिए ड्रिप फर्टिगेशन का उपयोग करूँ?
हाँ, अगर ड्रिप है तो फर्टिगेशन सबसे अच्छा तरीका है। इससे छोटी और बार बार मात्रा मिलती है, 20 से 40 प्रतिशत खाद बचती है और घौद ज़्यादा एक समान बनते हैं। पूरी घुलनशील खाद का उपयोग करें और हर सप्ताह या पखवाड़े दें।
मेरे केले की पत्तियों पर पीली धारियाँ दिख रही हैं, क्या कमी है?
नई पत्तियों पर पीली हरी धारियाँ या चितकबरापन आमतौर पर ज़िंक की कमी दर्शाता है, जो केले में सबसे आम सूक्ष्म तत्व समस्या है। 0.5 प्रतिशत ज़िंक सल्फेट का छिड़काव करें और दोहराने से पहले पत्ती जाँच या KVK से पुष्टि करें।

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