कालिम्पोंग ज़िले में खेती: निचला गंगा का मैदान
पश्चिम बंगाल मुख्य रूप से निचला गंगा का मैदान कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (गर्म आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय, पूरे क्षेत्र में सालाना 1300-1600mm बारिश)। इस क्षेत्र में गंगा डेल्टा की धान-जूट पट्टी, सघन फसल प्रणाली आम है, मिट्टी ज़्यादातर जलोढ़, डेल्टाई और लाल-लेटराइट है और आमतौर पर धान / चावल, जूट, आलू, तिलहन, सब्जियाँ, दालें उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), कालिम्पोंग की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में कालिम्पोंग की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
कालिम्पोंग में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में कालिम्पोंग में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें मक्का, धान / चावल, रागी थीं। अकेले मक्का का रकबा 10,853 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 67%) था, और इसकी उपज 6,509 किग्रा/हेक्टेयर पश्चिम बंगाल के औसत से 7% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: रागी का रकबा -56%, मक्का का रकबा -52%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | पश्चिम बंगाल औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| मक्का | 10,853 | 70,644 | 6,509 | 6,999 | -52% |
| धान / चावल | 3,533 | 5,567 | 1,576 | 2,865 | -25% |
| रागी | 1,200 | 1,507 | 1,256 | 1,012 | -56% |
| सरसों / राई | 237 | 186 | 784 | 1,250 | +104% |
| सोयाबीन | 178 | 121 | 682 | 750 | - |
| उड़द | 173 | 95 | 551 | 742 | +2783% |
| मूंग | 9 | 8 | 875 | 875 | - |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। पश्चिम बंगाल औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
कालिम्पोंग का मौसम और बुवाई का समय
कालिम्पोंग में सालाना औसतन लगभग 1705 मिमी बारिश होती है, जिसका 77% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (445 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 27°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 6°C) होती हैं।
- आमतौर पर मई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सालाना लगभग 1705 मिमी बारिश के साथ मौसम में पानी भरपूर है; सिंचाई जितना ही खेत से पानी निकासी भी ज़रूरी है, और धान व बागानी फसलें यहां के मौसम के अनुकूल हैं।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 6°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 6 | 16° | 6° |
| फ़रवरी | 13 | 19° | 8° |
| मार्च | 34 | 24° | 12° |
| अप्रैल | 78 | 27° | 15° |
| मई | 166 | 27° | 18° |
| जून | 270 | 27° | 20° |
| जुलाई | 445 | 26° | 20° |
| अगस्त | 340 | 26° | 20° |
| सितंबर | 263 | 25° | 19° |
| अक्टूबर | 82 | 23° | 16° |
| नवंबर | 5 | 20° | 12° |
| दिसंबर | 3 | 17° | 8° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), कालिम्पोंग ज़िले के केंद्र (27.0279, 88.6472) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
कालिम्पोंग के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
कालिम्पोंग के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- दार्जिलिंग - 40 km
- जलपाईगुड़ी - 45 km
- अलीपुरद्वार - 92 km
- किशनगंज, Bihar - 107 km
- कूचबिहार - 115 km
- उत्तर दिनाजपुर - 145 km
कालिम्पोंग ज़िले में किसान योजनाएं
कालिम्पोंग, पश्चिम बंगाल के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: