🌾 Wheat₹2,604/qtl▲24 🧅 Onion₹4,800/qtl▲550 🍅 Tomato₹3,000/qtl▲500 🥔 Potato₹1,000/qtl━ 🫘 Soybean₹5,650/qtl▲144 🪴 Cotton₹8,250/qtl━ 🌿 Mustard₹7,540/qtl▼135 🌽 Maize₹2,299/qtl▲90 🧄 Garlic₹16,500/qtl▲1,500 🍚 Rice₹3,680/qtl▲780 🌾 Wheat₹2,604/qtl▲24 🧅 Onion₹4,800/qtl▲550 🍅 Tomato₹3,000/qtl▲500 🥔 Potato₹1,000/qtl━ 🫘 Soybean₹5,650/qtl▲144 🪴 Cotton₹8,250/qtl━ 🌿 Mustard₹7,540/qtl▼135 🌽 Maize₹2,299/qtl▲90 🧄 Garlic₹16,500/qtl▲1,500 🍚 Rice₹3,680/qtl▲780
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🏛️ Varanasi ज़िला - किसान योजनाएं, मंडी भाव और फसलें

वाराणसी ज़िला, उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सरकारी योजनाएं, मंडी भाव, प्रमुख फसलें और खेती संसाधन।

वाराणसी ज़िले में खेती: सब्जी और फूलों की खेती का क्षेत्र

उत्तर प्रदेश का वाराणसी ज़िला सब्जी और फूलों की खेती का क्षेत्र के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन गंगा, वरुणा से सिंचित होती है और मुख्यतः जलोढ़ मिट्टी पर है, जो धान, गेहूँ, सब्जियाँ के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं वाराणसी की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।

वाराणसी में सबसे अच्छी फसलें

ज़िले की मुख्य फसलें धान / चावल, गेहूँ, सब्जियाँ, गेंदा हैं। धान स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए वाराणसी के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की जलोढ़ मिट्टी उपजाऊ है, गेहूँ, धान, गन्ना और सब्ज़ियों के लिए आदर्श है।

वाराणसी में मिट्टी, पानी और सिंचाई

जलोढ़ मिट्टी और गंगा, वरुणा के पानी के साथ, वाराणसी के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।

वाराणसी में मंडी भाव

वाराणसी की मंडियों (Varanasi APMC) में 1 जून 2026 ये फसलें बिकीं, औसत भाव (प्रति क्विंटल) के साथ:

फसलन्यूनतमअधिकतमऔसत भाव
Rice₹4,400₹9,186₹6,783
Wood₹300₹3,223₹1,762
Green Gram(Moong)(Whole)₹8,200₹9,400₹9,225
Tomato₹800₹800₹800
Gram Raw(Chholia)₹6,600₹7,900₹7,056
Soanf₹8,500₹8,500₹8,500
Tobacco₹4,300₹8,000₹5,195
Garlic₹4,000₹4,000₹4,000
Fish₹4,000₹4,000₹4,000
Chili Red₹9,000₹9,000₹9,000

स्रोत: वाराणसी, उत्तर प्रदेश की Agmarknet दैनिक आवक (1 जून 2026)।

वाराणसी में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े

2024-25 में वाराणसी में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, गेहूँ, ज्वार थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 76,633 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 47%) था, और इसकी उपज 3,069 किग्रा/हेक्टेयर उत्तर प्रदेश के औसत से 9% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: ज्वार का रकबा +98%, अरहर / तुअर का रकबा -68%।

फसलरकबा (हेक्टेयर)उत्पादन (टन)उपज (किग्रा/हे.)उत्तर प्रदेश औसत उपजरकबा बदलाव (2019-20 से)
धान / चावल76,6332,35,2113,0692,816+61%
गेहूँ62,6232,23,0133,5613,709-8%
ज्वार4,832-01,622+98%
सरसों / राई4,8137,0791,4711,484+561%
बाजरा4,3823,9879102,034-21%
गन्ना2,3731,68,97471,19980,937-41%
मक्का1,6924,5052,6622,879-49%
तिल1,681487290291+329%
चना / छोला1,3521,8771,3881,354-34%
अरहर / तुअर1,2481,7181,3761,238-68%

स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। उत्तर प्रदेश औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।

वाराणसी का मौसम और बुवाई का समय

वाराणसी में सालाना औसतन लगभग 815 मिमी बारिश होती है, जिसका 87% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (249 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 43°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 8°C) होती हैं।

  • आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
  • साल की 87% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
  • सर्दियों में रातें औसतन लगभग 8°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
  • मार्च में ही दिन का औसत 35°C हो जाता है, इसलिए देर से बोए गेहूँ में दाना भरते समय गर्मी का नुकसान हो सकता है। 15 नवंबर तक बुवाई सुरक्षित है।
  • मई में दिन का औसत 43°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
महीनाबारिश (मिमी)औसत अधिकतमऔसत न्यूनतम
जनवरी1224°8°
फ़रवरी1429°12°
मार्च1035°18°
अप्रैल1141°24°
मई2343°29°
जून11041°30°
जुलाई24935°27°
अगस्त20033°26°
सितंबर14632°25°
अक्टूबर3332°20°
नवंबर228°14°
दिसंबर524°10°

स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), वाराणसी ज़िले के केंद्र (25.3719, 82.9414) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।

वाराणसी के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर

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उत्तर प्रदेश में सोलर पंप सब्सिडी
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वाराणसी के पास के ज़िले

बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):

वाराणसी ज़िले में किसान योजनाएं

वाराणसी, उत्तर प्रदेश के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं:

वाराणसी में मंडी भाव

वाराणसी की मंडी(यां): Varanasi Mandi Parishad। वहां आज का भाव देखें।

वाराणसी ज़िले की प्रमुख फसलें

वाराणसी के किसान मुख्य रूप से गेहूँ, धान / चावल, गन्ना, आलू, सरसों / राई, अरहर / तुअर उगाते हैं।

वाराणसी के किसान आय कैसे बढ़ाएं

उत्तर प्रदेश: भूमि रिकॉर्ड और किसान ID

वाराणसी ज़िला कृषि कार्यालय और मदद

योजना आवेदन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और सब्सिडी के लिए ब्लॉक कृषि अधिकारी या वाराणसी ज़िला कृषि कार्यालय से संपर्क करें। किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) मुफ्त सलाह देता है।

❓ Frequently Asked Questions

वाराणसी ज़िले के किसानों के लिए कौन सी सरकारी योजनाएं हैं? +
वाराणसी, उत्तर प्रदेश के किसान सभी केंद्रीय योजनाओं का लाभ ले सकते हैं - पीएम किसान (₹6,000/वर्ष), फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड (4% ब्याज), मृदा स्वास्थ्य कार्ड, और सोलर पंप व ड्रिप सब्सिडी। ज़िला कृषि कार्यालय या CSC से आवेदन करें।
वाराणसी ज़िले की मुख्य फसलें कौन सी हैं? +
सरकारी आंकड़ों (2024-25) के अनुसार वाराणसी में रकबे के हिसाब से सबसे बड़ी फसलें धान / चावल, गेहूँ, ज्वार, सरसों / राई, बाजरा हैं। धान / चावल का रकबा 76,633 हेक्टेयर था।
वाराणसी में कितनी बारिश होती है? +
वाराणसी में सालाना औसतन लगभग 815 मिमी बारिश होती है, जिसका 87% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (249 मिमी) होती है (NASA POWER दीर्घकालिक औसत)।
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