मलकानगिरी ज़िले में खेती: पूर्वी तटीय मैदान और पहाड़ियाँ
ओडिशा मुख्य रूप से पूर्वी तटीय मैदान और पहाड़ियाँ कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (गर्म आर्द्र, पूरे क्षेत्र में सालाना 780-1300mm बारिश)। इस क्षेत्र में डेल्टा के धान के कटोरे (कावेरी, गोदावरी, महानदी), नारियल और मिर्च के साथ आम है, मिट्टी ज़्यादातर तटीय जलोढ़ और लाल दोमट है और आमतौर पर धान / चावल, गन्ना, मूँगफली, नारियल, मिर्च, तिलहन उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), मलकानगिरी की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में मलकानगिरी की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
मलकानगिरी में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में मलकानगिरी में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, मूँगफली, तिल थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 1,12,041 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 87%) था, और इसकी उपज 2,200 किग्रा/हेक्टेयर ओडिशा के औसत से 11% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: रागी का रकबा +77%, मूँगफली का रकबा +33%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | ओडिशा औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 1,12,041 | 2,46,542 | 2,200 | 2,485 | +7% |
| मूँगफली | 5,990 | 18,171 | 3,034 | 2,096 | +33% |
| तिल | 5,481 | 1,653 | 302 | 265 | -12% |
| रागी | 5,021 | 4,370 | 870 | 872 | +77% |
| मक्का | 668 | 967 | 1,447 | 3,071 | +112% |
| मूंग | 70 | 34 | 481 | 480 | -61% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। ओडिशा औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
मलकानगिरी का मौसम और बुवाई का समय
मलकानगिरी में सालाना औसतन लगभग 1517 मिमी बारिश होती है, जिसका 78% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश अगस्त में (356 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना अप्रैल है (दिन का औसत 39°C) और सबसे ठंडी रातें दिसंबर में (औसत 13°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- सालाना लगभग 1517 मिमी बारिश के साथ मौसम में पानी भरपूर है; सिंचाई जितना ही खेत से पानी निकासी भी ज़रूरी है, और धान व बागानी फसलें यहां के मौसम के अनुकूल हैं।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 9 | 28° | 14° |
| फ़रवरी | 7 | 33° | 16° |
| मार्च | 20 | 37° | 21° |
| अप्रैल | 48 | 39° | 24° |
| मई | 72 | 39° | 26° |
| जून | 223 | 32° | 24° |
| जुलाई | 349 | 29° | 23° |
| अगस्त | 356 | 28° | 23° |
| सितंबर | 262 | 29° | 22° |
| अक्टूबर | 131 | 28° | 20° |
| नवंबर | 29 | 27° | 16° |
| दिसंबर | 11 | 26° | 13° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), मलकानगिरी ज़िले के केंद्र (18.2745, 81.952) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
मलकानगिरी के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
मलकानगिरी के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- सुकमा, Chhattisgarh - 70 km
- अल्लूरी सीताराम राजू, Andhra Pradesh - 80 km
- कोरापुट - 85 km
- दंतेवाड़ा, Chhattisgarh - 89 km
- बस्तर, Chhattisgarh - 95 km
- अनकापल्ली, Andhra Pradesh - 110 km
मलकानगिरी ज़िले में किसान योजनाएं
मलकानगिरी, ओडिशा के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: