गंजाम ज़िले में खेती: दक्षिण ओडिशा का काजू और मूंगफली
ओडिशा का गंजाम ज़िला दक्षिण ओडिशा का काजू और मूंगफली के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन ऋषिकुल्या से सिंचित होती है और मुख्यतः तटीय जलोढ़ और लाल मिट्टी पर है, जो धान, गन्ना, मूंगफली के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं गंजाम की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
गंजाम में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें धान / चावल, गन्ना, मूँगफली, काजू हैं। धान स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए गंजाम के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की तटीय जलोढ़ और लाल मिट्टी उपजाऊ है, गेहूँ, धान, गन्ना और सब्ज़ियों के लिए आदर्श है।
गंजाम में मिट्टी, पानी और सिंचाई
तटीय जलोढ़ और लाल मिट्टी और ऋषिकुल्या के पानी के साथ, गंजाम के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
गंजाम में मंडी भाव
गंजाम की मंडियों (Digapahandi APMC) में 1 जून 2026 ये फसलें बिकीं, औसत भाव (प्रति क्विंटल) के साथ:
| फसल | न्यूनतम | अधिकतम | औसत भाव |
|---|---|---|---|
| Brinjal | ₹2,200 | ₹2,600 | ₹2,400 |
स्रोत: गंजाम, ओडिशा की Agmarknet दैनिक आवक (1 जून 2026)।
गंजाम में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में गंजाम में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, तिल, मूँगफली थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 2,62,254 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 94%) था, और इसकी उपज 2,314 किग्रा/हेक्टेयर ओडिशा के औसत से 7% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: मूँगफली का रकबा +157%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | ओडिशा औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 2,62,254 | 6,06,838 | 2,314 | 2,485 | -7% |
| तिल | 10,162 | 2,280 | 224 | 265 | +462% |
| मूँगफली | 2,923 | 6,803 | 2,328 | 2,096 | +157% |
| मक्का | 2,492 | 7,252 | 2,910 | 3,071 | +393% |
| गन्ना | 285 | 18,074 | 63,400 | 51,338 | +36% |
| सरसों / राई | 166 | 18 | 106 | 342 | +1177% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। ओडिशा औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
गंजाम का मौसम और बुवाई का समय
गंजाम में सालाना औसतन लगभग 1489 मिमी बारिश होती है, जिसका 72% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश जुलाई में (305 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना अप्रैल है (दिन का औसत 36°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 18°C) होती हैं।
- आमतौर पर मई में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 10 | 26° | 18° |
| फ़रवरी | 16 | 30° | 20° |
| मार्च | 22 | 33° | 24° |
| अप्रैल | 39 | 36° | 26° |
| मई | 100 | 35° | 28° |
| जून | 194 | 32° | 28° |
| जुलाई | 305 | 30° | 27° |
| अगस्त | 300 | 30° | 26° |
| सितंबर | 267 | 30° | 26° |
| अक्टूबर | 186 | 29° | 25° |
| नवंबर | 36 | 27° | 21° |
| दिसंबर | 14 | 26° | 18° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), गंजाम ज़िले के केंद्र (19.609, 84.7081) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
गंजाम के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
गंजाम के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
गंजाम ज़िले में किसान योजनाएं
गंजाम, ओडिशा के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: