कोरबा ज़िले में खेती: पूर्वी पठार और पहाड़ियाँ
छत्तीसगढ़ मुख्य रूप से पूर्वी पठार और पहाड़ियाँ कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है (गर्म उप-आर्द्र, पूरे क्षेत्र में सालाना 1000-1600mm बारिश)। इस क्षेत्र में ऊबड़-खाबड़ आदिवासी पठार, अधिकतर वर्षा पर निर्भर खेती आम है, मिट्टी ज़्यादातर लाल, पीली और लेटराइट है और आमतौर पर धान / चावल, रागी, मक्का, दालें, तिलहन, रामतिल, तिल उगाई जाती हैं।
ये पूरे कृषि-जलवायु क्षेत्र के तथ्य हैं (ICAR / योजना आयोग वर्गीकरण), कोरबा की फसल गणना नहीं। मौसम वाले हिस्से में कोरबा की अपनी मासिक बारिश और तापमान दिए गए हैं।
सिंचाई और मिट्टी
ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। एक ही क्षेत्र में भी खेत-खेत की मिट्टी अलग होती है, इसलिए मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड ही आपके खेत की सही ज़रूरत बताता है।
कोरबा में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में कोरबा में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, मक्का, उड़द थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 1,02,623 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 96%) था, और इसकी उपज 1,859 किग्रा/हेक्टेयर छत्तीसगढ़ के औसत से 29% कम रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: उड़द का रकबा -46%, मक्का का रकबा -42%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | छत्तीसगढ़ औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 1,02,623 | 1,90,745 | 1,859 | 2,607 | -5% |
| मक्का | 1,743 | 4,112 | 2,360 | 3,248 | -42% |
| उड़द | 1,005 | 407 | 405 | 365 | -46% |
| तिल | 753 | 626 | 832 | 798 | -23% |
| अरहर / तुअर | 534 | 309 | 578 | 587 | -27% |
| मूँगफली | 83 | 76 | 914 | 1,101 | -44% |
| रामतिल | 62 | 16 | 263 | 194 | -73% |
| गेहूँ | 42 | 59 | 1,432 | 1,590 | -87% |
| ज्वार | 15 | 12 | 764 | 828 | -85% |
| चना / छोला | 11 | 9 | 818 | 1,002 | -90% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। छत्तीसगढ़ औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
कोरबा का मौसम और बुवाई का समय
कोरबा में सालाना औसतन लगभग 1292 मिमी बारिश होती है, जिसका 84% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश अगस्त में (343 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 43°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 9°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
- साल की 84% बारिश जून-सितंबर में होती है, इसलिए रबी और गर्मी की फसलों के लिए पक्की सिंचाई ज़रूरी है।
- सर्दियों में रातें औसतन लगभग 9°C रहती हैं, जो गेहूँ, सरसों, चना और आलू जैसी रबी फसलों के लिए पर्याप्त ठंडी हैं।
- मार्च में ही दिन का औसत 35°C हो जाता है, इसलिए देर से बोए गेहूँ में दाना भरते समय गर्मी का नुकसान हो सकता है। 15 नवंबर तक बुवाई सुरक्षित है।
- मई में दिन का औसत 43°C रहता है, इसलिए ज़ायद फसलों और नए बागों को बार-बार सिंचाई और मल्चिंग चाहिए।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 20 | 25° | 9° |
| फ़रवरी | 20 | 30° | 13° |
| मार्च | 26 | 35° | 18° |
| अप्रैल | 28 | 40° | 24° |
| मई | 36 | 43° | 27° |
| जून | 188 | 37° | 27° |
| जुलाई | 325 | 31° | 24° |
| अगस्त | 343 | 30° | 24° |
| सितंबर | 225 | 29° | 23° |
| अक्टूबर | 65 | 29° | 19° |
| नवंबर | 8 | 26° | 14° |
| दिसंबर | 8 | 24° | 10° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), कोरबा ज़िले के केंद्र (22.5198, 82.635) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
कोरबा के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
कोरबा के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
- जांजगीर-चांपा - 60 km
- बिलासपुर - 65 km
- सरगुजा - 72 km
- रायगढ़ - 80 km
- सूरजपुर - 100 km
- अनूपपुर, Madhya Pradesh - 107 km
कोरबा ज़िले में किसान योजनाएं
कोरबा, छत्तीसगढ़ के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: