पश्चिमी गोदावरी ज़िले में खेती: गोदावरी डेल्टा का धान और मत्स्य पालन
आंध्र प्रदेश का पश्चिमी गोदावरी ज़िला गोदावरी डेल्टा का धान और मत्स्य पालन के लिए जाना जाता है। यहां की ज़मीन गोदावरी से सिंचित होती है और मुख्यतः डेल्टाई जलोढ़ मिट्टी पर है, जो धान, गन्ना, ऑयल पाम के लिए अनुकूल है। इसीलिए नीचे दी गई फसलें और योजनाएं पश्चिमी गोदावरी की असली खेती के अनुसार चुनी गई हैं, न कि राज्य के औसत के आधार पर।
पश्चिमी गोदावरी में सबसे अच्छी फसलें
ज़िले की मुख्य फसलें धान / चावल, गन्ना, ऑयल पाम, मत्स्य पालन हैं। धान स्थानीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी है, इसलिए पश्चिमी गोदावरी के किसानों को इसका भाव ध्यान से देखना चाहिए। यहां की डेल्टाई जलोढ़ मिट्टी उपजाऊ है, गेहूँ, धान, गन्ना और सब्ज़ियों के लिए आदर्श है।
पश्चिमी गोदावरी में मिट्टी, पानी और सिंचाई
डेल्टाई जलोढ़ मिट्टी और गोदावरी के पानी के साथ, पश्चिमी गोदावरी के किसानों की प्राथमिकता फसल के अनुसार सिंचाई है। ड्रिप और सोलर पंप सब्सिडी से पानी और बिजली की लागत घटती है। मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड बताता है कि आपकी मिट्टी को कौन से पोषक तत्व चाहिए।
पश्चिमी गोदावरी में असल में क्या उगाया जाता है: सरकारी फसल आंकड़े
2024-25 में पश्चिमी गोदावरी में सबसे ज़्यादा रकबे वाली फसलें धान / चावल, उड़द, गन्ना थीं। अकेले धान / चावल का रकबा 1,72,150 हेक्टेयर (नीचे दी गई फसलों के कुल रकबे का 99%) था, और इसकी उपज 4,731 किग्रा/हेक्टेयर आंध्र प्रदेश के औसत से 20% ज़्यादा रही। 2019-20 के बाद से सबसे बड़ा बदलाव: धान / चावल का रकबा -56%।
| फसल | रकबा (हेक्टेयर) | उत्पादन (टन) | उपज (किग्रा/हे.) | आंध्र प्रदेश औसत उपज | रकबा बदलाव (2019-20 से) |
|---|---|---|---|---|---|
| धान / चावल | 1,72,150 | 8,14,446 | 4,731 | 3,928 | -56% |
| उड़द | 839 | 1,126 | 1,343 | 1,225 | -84% |
| गन्ना | 113 | 8,889 | 78,363 | 90,242 | -99% |
| मक्का | 113 | 974 | 8,619 | 6,510 | -100% |
| मूँगफली | 18 | 60 | 3,349 | 1,151 | -99% |
| तिल | 8 | 2 | 274 | 283 | -96% |
स्रोत: अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार (अंतिम अनुमान), UPAg के माध्यम से। खेत फसलों के आंकड़े; सब्ज़ी, फल और मसाले इसमें शामिल नहीं। आंध्र प्रदेश औसत = राज्य के सभी ज़िलों के अनुमानों का जोड़।
पश्चिमी गोदावरी का मौसम और बुवाई का समय
पश्चिमी गोदावरी में सालाना औसतन लगभग 1186 मिमी बारिश होती है, जिसका 63% जून-सितंबर में आता है। सबसे ज़्यादा बारिश अक्टूबर में (233 मिमी) होती है। सबसे गर्म महीना मई है (दिन का औसत 35°C) और सबसे ठंडी रातें जनवरी में (औसत 20°C) होती हैं।
- आमतौर पर जून में पहली बार महीने की बारिश 100 मिमी पार करती है, यही यहां खरीफ बुवाई का सामान्य संकेत है।
| महीना | बारिश (मिमी) | औसत अधिकतम | औसत न्यूनतम |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 5 | 28° | 20° |
| फ़रवरी | 10 | 31° | 22° |
| मार्च | 10 | 33° | 24° |
| अप्रैल | 23 | 35° | 26° |
| मई | 57 | 35° | 28° |
| जून | 153 | 33° | 28° |
| जुलाई | 200 | 31° | 26° |
| अगस्त | 192 | 30° | 26° |
| सितंबर | 200 | 30° | 26° |
| अक्टूबर | 233 | 30° | 25° |
| नवंबर | 79 | 29° | 23° |
| दिसंबर | 24 | 28° | 21° |
स्रोत: NASA POWER दीर्घकालिक मासिक औसत (उपग्रह और मॉडल आधारित, तटीय और पहाड़ी इलाकों में बारिश कुछ कम दिखा सकते हैं), पश्चिमी गोदावरी ज़िले के केंद्र (16.6443, 81.5885) के लिए। यह औसत है, किसी साल का पूर्वानुमान नहीं। इस हफ़्ते के मौसम के लिए मौसम पूर्वानुमान देखें।
पश्चिमी गोदावरी के किसानों के लिए: सोलर पंप और ट्रैक्टर
पश्चिमी गोदावरी के पास के ज़िले
बेचने से पहले पास के ज़िलों की मंडियों के भाव भी देखें (दूरी ज़िला केंद्रों के बीच सीधी रेखा में):
पश्चिमी गोदावरी ज़िले में किसान योजनाएं
पश्चिमी गोदावरी, आंध्र प्रदेश के किसान सभी प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं के पात्र हैं। सबसे ज़रूरी योजनाएं: