कोलार के किसान साल में कई बार टमाटर लगाते हैं। वे 22 से 25 दिन की पौध तैयार करके उसे बांस के सहारे, मल्च और ड्रिप सिंचाई वाली क्यारियों में रोपते हैं, फिर फसल 15 kg के कैरेट (बॉक्स) में कोलार APMC मंडी भेजते हैं। इस मंडी को नासिक के बाद एशिया की दूसरी सबसे बड़ी टमाटर मंडी बताया जाता है। कोलार में असली मुश्किल फसल उगाना नहीं है, बल्कि दो जोखिमों से बचना है: सफेद मक्खी से फैलने वाला लीफ कर्ल वायरस, और प्रति बॉक्स ₹100 से नीचे से लेकर ₹2,000 से ऊपर तक झूलते भाव।
इस गाइड में इस इलाके के सूखे पूर्वी हिस्से में कारगर खेती के तरीके, ICAR-IIHR बेंगलुरु की रोग प्रतिरोधी किस्में, और प्रति बॉक्स ब्रेक-ईवन का हिसाब है, ताकि भाव पता चलने से पहले ही आप अपना मुनाफा आंक सकें।
कोलार का टमाटर बाकी जगहों से अलग क्यों है
- मंडी: कोलार APMC यार्ड बेंगलुरु से करीब 70 km दूर है और लगभग 25 एकड़ में फैला है। सामान्य दिनों में रोज़ करीब 7,000 क्विंटल आवक होती थी। 2023 के मध्य में लीफ कर्ल से खेत बर्बाद हुए तो आवक घटकर करीब 1,000 क्विंटल रह गई, और बॉक्स का भाव 2022 के करीब ₹150 से बढ़कर 2023 के मध्य में करीब ₹2,000 हो गया (कोलार मंडी में चरम पर ₹2,200 प्रति बॉक्स दर्ज हुआ)।
- रोग: सफेद मक्खी से फैलने वाले टोमैटो लीफ कर्ल बैंगलोर वायरस (ToLCBV) ने 2023 में आधे से ज़्यादा पौधों को नुकसान पहुंचाया। खबरों में उद्धृत शोधकर्ताओं ने कहा कि इसमें सफेद मक्खी की एक नई बायोटाइप शामिल थी, जिस पर मौजूदा कीटनाशक असर नहीं करते।
- पानी: बोरवेल के भरोसे साल भर टमाटर उगाना एक बड़ी बाधा है। कोलार से सटे चिंतामणि में 2021 के ISEC अध्ययन ने बताया कि पास के चिकबल्लापुरा ज़िले को 2012 में भूजल के अति-दोहन वाला घोषित किया गया था, और कई किसान सिफारिश से कहीं ज़्यादा खाद और प्रति एकड़ ज़्यादा पौधे लगाते हैं।
किस्में और हाइब्रिड
इलाके की रिपोर्टों के अनुसार आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले कई हाइब्रिड लीफ कर्ल वायरस के प्रति संवेदनशील हैं, इसलिए रोग प्रतिरोधी बीज या पौध ज़रूरी है। ICAR-IIHR बेंगलुरु की टमाटर किस्मों में ये शामिल हैं:
| किस्म (ICAR-IIHR) | प्रकार | उपज और अवधि | प्रतिरोध / उपयोग |
|---|---|---|---|
| Arka Rakshak | F1 हाइब्रिड | करीब 140 दिन में 75 से 80 t/ha (30 से 32 t/एकड़) | लीफ कर्ल वायरस (ToLCV), जीवाणु उकठा (बैक्टीरियल विल्ट), अगेती झुलसा; ताज़ा बाज़ार और प्रसंस्करण |
| Arka Samrat | F1 हाइब्रिड | 140 दिन में 80 से 85 t/ha; फल 90 से 110 g | ToLCV, जीवाणु उकठा, अगेती झुलसा; ज़ोन VIII (कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल) के लिए जारी |
| Arka Abhed | F1 हाइब्रिड | 70 से 75 t/ha, 140 से 150 दिन | ToLCV, जीवाणु उकठा, अगेती और पछेती झुलसा; ताज़ा बाज़ार |
| Arka Vikas | खुला परागण | 140 दिन में 35 t/ha | खुला परागण; बीज एक मौसम के लिए रखा जा सकता है |
| Arka Vishesh, Arka Apeksha | प्रसंस्करण वाली किस्में | 75 से 90 t/ha | प्यूरी, पेस्ट, केचप के लिए; ताज़े टमाटर के भाव गिरने पर बिक्री का रास्ता |
ये IIHR के ट्रायल की संभावित उपज हैं, जो अच्छे प्रबंधन में मिलती है; खेत पर इससे कम मिलने की उम्मीद रखें। पौध या बीज ऐसी जगह से लें जो बिल और लॉट नंबर दे, और अपने KVK से पूछें कि इस मौसम में आपके तालुका में लीफ कर्ल के सामने कौन सा हाइब्रिड सबसे अच्छा रहा।
नर्सरी और रोपाई
- पौध की उम्र: ISEC अध्ययन के अनुसार सिफारिश की गई उम्र 22 से 24 दिन है, पौध मोटी, रोगमुक्त और जीवंत हो। लेकिन सर्वे में शामिल 68% किसानों ने 25 से 30 दिन की पौध और 19% ने 35 दिन से ज़्यादा पुरानी पौध इस्तेमाल की।
- नर्सरी की सुरक्षा: सफेद मक्खी पहले हफ्तों से ही लीफ कर्ल वायरस फैलाती है, इसलिए पौध को संक्रमित टमाटर के खेतों और दूसरे पोषक पौधों से दूर रखें, और जो पौध बीमार दिखे उसे न लगाएं। ट्रे को महीन कीट-रोधी जाली के नीचे ढककर रखना एक आम एहतियात है; जाली की जानकारी के लिए KVK या IIHR से पूछें।
- दूरी: इलाके के लिए ISEC का संदर्भ 3 ft x 1.5 ft (करीब 90 x 45 cm) है, यानी करीब 9,990 पौधे प्रति एकड़। IIHR बांस के सहारे Arka Rakshak के लिए 60 x 45 cm सुझाता है। ISEC सर्वे में 74% किसानों ने करीब 14,900 पौधे प्रति एकड़ (3 ft x 1 ft) ठूंस दिए, जिससे पत्ती धब्बा और लीफ कर्ल का दबाव बढ़ता है और पानी व पोषक तत्वों के लिए होड़ होती है।
- समय: इलाके के एक ट्रायल में रोपाई 6 जुलाई को हुई थी। यहां के किसान साल में कई बार रोपाई करते हैं, और चूंकि सब एक ही समय लगाते हैं, इसलिए मुख्य आवक के बाद आने वाली फसल को अक्सर बेहतर भाव मिलता है। रोपाई को दो या तीन दौर में बांटने से जोखिम भी बंट जाता है।
रोपाई के दौर
| दौर | रोपाई (कर्नाटक, आम तौर पर बताया गया) | टिप्पणी |
|---|---|---|
| खरीफ | करीब जून से जुलाई (इलाके के एक ISEC ट्रायल में रोपाई 6 जुलाई को हुई) | गीले मौसम में पत्ती धब्बा और झुलसा का दबाव ज़्यादा; बांस का सहारा और जल निकासी अहम |
| रबी | करीब सितंबर से नवंबर | रातें ठंडी; सफेद मक्खी का दबाव शुरू में ही जांचें |
| गर्मी | करीब दिसंबर से फरवरी | पक्का पानी और सबसे ज़्यादा पानी बचाने वाली व्यवस्था चाहिए |
ये समय कर्नाटक की सामान्य रिपोर्टों से लिए गए हैं, कोलार के किसी अलग कैलेंडर से नहीं, और कोलार के किसान रोग से बचने तथा बेहतर भाव पकड़ने के लिए इन्हें आगे-पीछे करते रहते हैं। इस मौसम की सलाह के लिए KVK कोलार से पूछें।
मिट्टी, खाद और उर्वरक
ISEC अध्ययन के अनुसार खेती की लागत का करीब 46% हिस्सा पोषक तत्व प्रबंधन में जाता है और सर्वे में शामिल करीब 86% किसानों ने मिट्टी की जांच नहीं करवाई। पहले जांच कराएं (Soil Health Card), फिर नीचे की तालिका को शुरुआती बिंदु मानें, लक्ष्य नहीं। अलग-अलग स्रोतों की सिफारिशें अलग हैं, और नीचे की दोनों पंक्तियों में इकाइयां भी अलग हैं (IIHR में प्रति हेक्टेयर, ISEC अध्ययन में प्रति एकड़), इसलिए इन्हें आपस में न मिलाएं।
| स्रोत | जैविक पदार्थ | N : P2O5 : K2O |
|---|---|---|
| ICAR-IIHR, Arka Rakshak के लिए | 5 t FYM प्रति हेक्टेयर | 120 : 80 : 60 kg प्रति हेक्टेयर (करीब 49 : 32 : 24 प्रति एकड़) |
| ISEC अध्ययन, चिंतामणि (स्थानीय संदर्भ) | करीब 12 t FYM प्रति एकड़; नीम खली 100 kg प्रति एकड़ | 100 : 100 : 100 kg प्रति एकड़ (हर एक के करीब 247 kg प्रति हेक्टेयर) |
इन स्रोतों में सबसे बड़ा फर्क P और K में है, इसलिए मिट्टी जांच के नतीजे मायने रखते हैं। ISEC के पेपर के अनुसार 35 से 40 t/ha की टमाटर फसल प्रति हेक्टेयर करीब 148 kg N, 20 kg P और 186 kg K खींच लेती है, यानी पोषक तत्वों का बिल बड़ा है और मिट्टी जांच से उसे घटाना फायदेमंद है। उत्पाद के विकल्पों के लिए उर्वरक पेज देखें और नाइट्रोजन किस्तों में दें।
बांस का सहारा, मल्च और ड्रिप
बांस का सहारा फल को मिट्टी से दूर रखता है और सड़न घटाता है; सहारा, ड्रिप और मल्च बार-बार काम आने वाला निवेश हैं (ISEC पेपर के अनुसार ड्रिप की मेन, लेटरल और बांस फसल दर फसल दोबारा इस्तेमाल होते हैं)। मल्च और ड्रिप साथ मिलकर पानी और खरपतवार भी घटाते हैं; ISEC के ट्रायल में गोबर खाद, सिफारिश के उर्वरक, वर्मीकम्पोस्ट, सूक्ष्म पोषक तत्व, Trichoderma और मल्च वाले पैकेज से सबसे ज़्यादा उपज मिली। सब्सिडी के लिए ड्रिप सिंचाई और जहां बोरवेल की बिजली महंगी है वहां सोलर पंप के विकल्प देखें।
कीट और रोग: किन पर नज़र रखें
| समस्या | कैसे पहचानें | क्या करें |
|---|---|---|
| सफेद मक्खी से फैलने वाला लीफ कर्ल वायरस (ToLCBV) | नई पत्तियों का ऊपर की ओर मुड़ना, पीला पड़ना, बौनापन; फल कम | प्रतिरोधी हाइब्रिड; साफ पौध; पीले चिपचिपे ट्रैप और परावर्तक मल्च; बीमार पौधे जल्दी उखाड़ें; लेबल की सलाह पर कीटनाशक के समूह बदलते रहें; खरपतवार और पुरानी फसल के पोषक पौधे हटाएं |
| Tuta absoluta (टमाटर की पत्ती सुरंगक) | पत्तियों में धब्बेदार सुरंगें, फल में छेद व सुरंग | फेरोमोन ट्रैप, फसल अवशेषों की सफाई, Trichogramma जैसे जैविक कारक, लेबल से मंज़ूर स्प्रे |
| जीवाणु उकठा (बैक्टीरियल विल्ट) | हरी पत्तियों के साथ अचानक मुरझाना | प्रतिरोधी हाइब्रिड; उकठा वाले खेत में टमाटर, बैंगन या मिर्च दोबारा न लगाएं; जल निकासी अच्छी रखें |
| अगेती और पछेती झुलसा, पत्ती धब्बा | गोलाकार छल्लेदार धब्बे; ठंडे, गीले दौर में गहरे पानी-भीगे दाग | ज़्यादा दूरी, बांस का सहारा, लेबल की सलाह पर सुरक्षात्मक फफूंदनाशक |
| फल छेदक | फलों में छेद | फेरोमोन ट्रैप, हाथ से चुनना, लेबल से मंज़ूर उत्पाद |
केवल लेबल से मंज़ूर उत्पाद लेबल की मात्रा में ही इस्तेमाल करें, और स्प्रे का कार्यक्रम बदलने से पहले KVK से पूछें। कीट पेज देखें।
कोलार में तुड़ाई, ग्रेडिंग और बिक्री
- बॉक्स: कोलार में नीलामी से 15 kg के बॉक्स में बिक्री होती है। कमीशन, ढुलाई और मज़दूरी कटने के बाद, किसानों ने बताया है कि जब बॉक्स का भाव ₹80 से ₹200 तक गिरता है तो लागत भी नहीं निकलती।
- गुणवत्ता मायने रखती है: भरमार वाले मौसम की खबरों में (Deccan Herald, Hortidaily; जो प्रतियां देखी गईं उन पर साफ तारीख नहीं थी, इसलिए उस दिन का भाव खुद जांचें) अच्छे हाइब्रिड टमाटर करीब ₹200 प्रति बॉक्स तक, देसी टमाटर करीब ₹150 तक, और छोटे दागी फल करीब ₹80 में बिके। आकार और रंग से ग्रेडिंग करें, फटे फल छांट दें और साफ बॉक्स में पैक करें।
- पड़ोसी ज़िलों पर नज़र रखें: ज़्यादा आपूर्ति की रिपोर्टें बताती हैं कि कोलार के साथ चित्रदुर्ग, तुमकुरु, मैसूरु, मंड्या और चामराजनगर में भी टमाटर का रकबा बढ़ा है। अगली रोपाई तय करने से पहले टमाटर मंडी पेज पर आवक और भाव देखें।
- प्रसंस्करण और थोक खरीदार: जब ताज़े टमाटर के भाव खराब हों, तब प्रसंस्करण वाली किस्में और सीधे अनुबंध आज़माने लायक हैं; खरीदारों के बारे में KVK से पूछें।
प्रति बॉक्स लागत और ब्रेक-ईवन
इस गाइड के लिए कोलार की कोई सत्यापित मौजूदा खेती-लागत उपलब्ध नहीं थी, इसलिए ब्रेक-ईवन एक सूत्र के रूप में दिया है जिसमें आप अपने बिल भर सकते हैं। प्रति 15 kg बॉक्स का ब्रेक-ईवन भाव = प्रति एकड़ कुल लागत (बीज, पौध, FYM, उर्वरक, बांस, मल्च, ड्रिप, स्प्रे, मज़दूरी, तुड़ाई, किराया और ब्याज) भाग प्रति एकड़ बेचे गए बॉक्स। तालिका मानी हुई लागत और उपज के हिसाब से इसका बदलना दिखाती है; ये उदाहरण हैं, औसत नहीं।
| प्रति एकड़ कुल लागत (₹) | अगर 1,000 बॉक्स/एकड़ | अगर 1,500 बॉक्स/एकड़ | अगर 2,000 बॉक्स/एकड़ |
|---|---|---|---|
| 1,50,000 | ₹150 प्रति बॉक्स | ₹100 प्रति बॉक्स | ₹75 प्रति बॉक्स |
| 2,00,000 | ₹200 प्रति बॉक्स | ₹133 प्रति बॉक्स | ₹100 प्रति बॉक्स |
| 2,50,000 | ₹250 प्रति बॉक्स | ₹167 प्रति बॉक्स | ₹125 प्रति बॉक्स |
एक बॉक्स 15 kg का है, इसलिए 1,000 बॉक्स यानी 15 टन प्रति एकड़ (करीब 37 t/ha) और 2,000 बॉक्स यानी 30 टन प्रति एकड़। संदर्भ के लिए, ISEC अध्ययन ने 2015-16 में चिंतामणि इलाके में अपने सभी उपचारों में औसत फल उपज करीब 92 t/ha (करीब 37 t/एकड़) और अपने सर्वश्रेष्ठ तरीके वाले प्लॉट में 112 t/ha (करीब 45 t/एकड़) मापी, जो अच्छी तरह संभाला गया ट्रायल है, आम खेत नहीं। ब्रेक-ईवन से ऊपर का भाव आपका मुनाफा है, लेकिन यार्ड पर कटने वाले मंडी कमीशन, ढुलाई और मज़दूरी को जोड़ लें। जब बॉक्स का भाव ₹80 से ₹200 होता है तो कई किसान ब्रेक-ईवन से नीचे चले जाते हैं, और जब ₹500 या उससे ऊपर होता है तो वही एकड़ कई लाख रुपये कमा देता है। कोलार के टमाटर का असली जोखिम यही झूल है। जोखिम सुरक्षा और कर्ज़ के लिए PMFBY और किसान क्रेडिट कार्ड के पेज देखें।
स्रोत
- ICAR-IIHR: Tomato varieties
- ICAR-IIHR: Arka Samrat
- ISEC Working Paper 525 (Govindappa, 2021): Package of Practices of Tomato Cultivation in Semi-arid Region of Karnataka
- The Federal: How rise in tomato prices in Kolar is driving the surge across the country (July 2023)
- Hortidaily: Kolar tomato farmers suffer as prices drop
- AgriFarming: Tomato farming in Karnataka, areas, seasons, yield (seasons, general Karnataka)