चौड़ी दूरी पर लगने वाली ऊँची कीमत की फसलों (बाग, केला, गन्ना, कपास, सब्जियाँ) के लिए ड्रिप सिंचाई चुनें, और पास-पास बोई जाने वाली फसलों जैसे गेहूं, चना, सरसों, मूंगफली और चारे के लिए स्प्रिंकलर सिंचाई। ड्रिप आम तौर पर ज़्यादा पानी बचाता है और फर्टिगेशन के लिए ठीक है, लेकिन पास-पास लगी फसलों में प्रति हेक्टेयर महँगा पड़ता है; पोर्टेबल स्प्रिंकलर सेट सबसे सस्ता सूक्ष्म सिंचाई सिस्टम है और उसे एक प्लॉट से दूसरे में ले जाया जा सकता है।
दोनों ड्रॉप मोर क्रॉप (Per Drop More Crop, PDMC) योजना में आते हैं, जो छोटे और सीमांत किसानों को सांकेतिक लागत का 55% और बाकी को 45% देती है। इस पेज में दोनों की तुलना पानी की बचत, फसल के हिसाब से उपयुक्तता, प्रति हेक्टेयर और प्रति एकड़ लागत, और सब्सिडी के हिसाब पर की गई है।
ड्रिप बनाम स्प्रिंकलर: एक नज़र में
| बात | ड्रिप | स्प्रिंकलर |
|---|---|---|
| पानी कैसे दिया जाता है | लेटरल पर लगे ड्रिपर से सीधे जड़ क्षेत्र में | नोज़ल से फसल के ऊपर बारिश की तरह छिड़काव |
| पानी की बचत (TNAU के ट्रायल आँकड़े) | लगभग 39% (टमाटर) से 79% (चुकंदर) तक; केला 45%, गन्ना 56%, कपास 66% | सतही सिंचाई की तुलना में मूंगफली 25%, कपास 50%, सोयाबीन 50%, उड़द 50%, रिजका 63% |
| सबसे अच्छी फसलें | चौड़ी कतार या चौड़ी दूरी वाले पौधे | ज़्यादा पौध घनत्व वाली पास-पास बोई गई फसलें |
| खाद | वेंचुरी या फर्टिलाइज़र टैंक से फर्टिगेशन आसान है | आम तौर पर फर्टिगेशन के लिए इस्तेमाल नहीं होता |
| मुख्य जोखिम | एमिटर का जाम होना; सिस्टम चलेगा या नहीं, यह फिल्टर तय करता है | हवा से छिड़काव का बहकना; पर्याप्त दबाव चाहिए; फूलों को नुकसान पहुँचा सकता है |
| जमीन की बनावट | जमीन समतल करने की ज़रूरत कम | ऊबड़-खाबड़ जमीन और पहाड़ी ढलानों के लिए ठीक |
पानी की बचत के आँकड़े TNAU के पुराने संकलित ट्रायलों (वाटर टेक्नोलॉजी सेंटर की रिपोर्टों) से हैं, इसलिए इन्हें आम दायरा समझें, वादा नहीं। बचत इस पर भी निर्भर करती है कि पहले आप कितने अच्छे से सिंचाई करते थे।
कौन सी फसल के लिए कौन सा सिस्टम
- ड्रिप: केला, गन्ना, अंगूर, अनार, आम, अमरूद, पपीता, नारियल, कपास, टमाटर, मिर्च, बैंगन, भिंडी और बेल वाली सब्जियाँ। TNAU के संकलित ट्रायलों में ड्रिप से उपज केले में लगभग 52%, गन्ने में 33%, कपास में 25% और टमाटर में 50% बढ़ी, साथ में ऊपर दी गई पानी की बचत भी मिली।
- स्प्रिंकलर (पोर्टेबल या अर्ध-स्थायी): गेहूं, चना और दूसरी दालें, सरसों, अनाज, मसाले और बीज वाली फसलें। PDMC दिशानिर्देश स्प्रिंकलर को उन फसलों के लिए ठीक बताते हैं जहाँ पौध घनत्व बहुत ज़्यादा होता है।
- मिनी-स्प्रिंकलर: मूंगफली, आलू, प्याज, अदरक और छोटी चारा फसलें; यह पाले से बचाव में भी मदद करता है।
- माइक्रो-स्प्रिंकलर: पत्तेदार सब्जियाँ, नर्सरी और पौध को सख्त करना (हार्डनिंग)।
- रेन गन: एक या दो ज़्यादा बहाव वाले स्प्रिंकलर (10,000-32,000 लीटर प्रति घंटा) से बड़े रकबे में तेज़ी से सिंचाई, ऊँचे दबाव पर।
जिन फसलों के फूल आसानी से झड़ जाते हैं उनके लिए स्प्रिंकलर कम ठीक है, और यह तब सबसे अच्छा चलता है जब हवा लगभग 15 km/h से कम हो; सुबह जल्दी या शाम को सिंचाई करने से वाष्पीकरण कम होता है। एक स्प्रिंकलर हेड को लगभग 12 मीटर व्यास का घेरा भिगोने के लिए करीब 1 kg/cm² दबाव चाहिए, इसलिए खरीदने से पहले अपना पंप जाँच लें।
प्रति हेक्टेयर और प्रति एकड़ लागत (PDMC की सांकेतिक लागत)
ये वे सांकेतिक इकाई लागतें हैं जो PDMC दिशानिर्देश सब्सिडी निकालने के लिए इस्तेमाल करते हैं, GST समेत। असली भाव कंपनी, पाइप के आकार, पानी के स्रोत की दूरी और फिल्टर के हिसाब से बदलते हैं। कम पहुँच वाले राज्यों (बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश) में दिशानिर्देश के आँकड़े 15% ज़्यादा हैं; पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में 25% ज़्यादा।
| सिस्टम और दूरी (1 हेक्टेयर) | आम फसलें | लागत प्रति हेक्टेयर | प्रति एकड़ (लगभग) |
|---|---|---|---|
| ड्रिप 10 x 10 मीटर | आम, नारियल | ₹26,181 | ₹10,600 |
| ड्रिप 5 x 5 मीटर | अनार, अमरूद | ₹39,378 | ₹15,900 |
| ड्रिप 2 x 2 मीटर | केला, पपीता | ₹83,085 | ₹33,600 |
| ड्रिप 1.5 x 0.6 मीटर | टमाटर, मिर्च, बैंगन | ₹1,09,531 | ₹44,300 |
| ड्रिप 1.2 x 0.6 मीटर या उससे कम | पास-पास कतार वाली फसलें | ₹1,27,501 | ₹51,600 |
| पोर्टेबल स्प्रिंकलर (63 mm पाइप) | गेहूं, चना, सरसों | ₹21,588 | ₹8,700 |
| अर्ध-स्थायी स्प्रिंकलर | खेत की फसलें, जमीन में दबी मुख्य लाइन | ₹40,440 | ₹16,400 |
| माइक्रो-स्प्रिंकलर 5 x 5 मीटर | नर्सरी, पत्तेदार सब्जियाँ | ₹65,102 | ₹26,300 |
| मिनी-स्प्रिंकलर 10 x 10 मीटर | मूंगफली, आलू, प्याज | ₹94,134 | ₹38,100 |
| रेन गन (63 mm पाइप) | बड़े खेत, चारा | ₹31,684 | ₹12,800 |
एक हेक्टेयर लगभग 2.47 एकड़ होता है। बड़े या छोटे रकबे की लागत दिशानिर्देश की अपनी 0.2 से 5 हेक्टेयर की तालिकाओं से निकलती है; पौधों की दूरी जितनी कम होगी, प्रति हेक्टेयर लागत उतनी बढ़ेगी, क्योंकि लेटरल पाइप और एमिटर ज़्यादा लगते हैं।
सब्सिडी: हिसाब कैसे चलता है
PDMC छोटे और सीमांत किसानों को सांकेतिक लागत का 55% और बाकी किसानों को 45% देती है; केंद्र और राज्य का मिला-जुला हिस्सा 60:40 में बँटता है (पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में 90:10)। सहायता प्रति लाभार्थी 5 हेक्टेयर तक सीमित है। कुछ राज्य ऊपर से टॉप-अप सब्सिडी भी देते हैं।
| उदाहरण (1 हेक्टेयर, सांकेतिक लागत) | छोटा/सीमांत किसान (55%) | अन्य किसान (45%) |
|---|---|---|
| ड्रिप 2 x 2 मीटर, ₹83,085 | सब्सिडी ₹45,697; आप देंगे ₹37,388 | सब्सिडी ₹37,388; आप देंगे ₹45,697 |
| पोर्टेबल स्प्रिंकलर 63 mm, ₹21,588 | सब्सिडी ₹11,873; आप देंगे ₹9,715 | सब्सिडी ₹9,715; आप देंगे ₹11,873 |
अगर कंपनी का असली भाव सांकेतिक लागत से ज़्यादा है, तो फर्क आप देते हैं। योजना में राज्य में पंजीकृत कंपनी के BIS-चिह्नित पुर्ज़े चाहिए, जिसे तीन साल की मुफ्त बिक्री-उपरांत सेवा देनी होती है, और हर इंस्टॉलेशन की जियो-टैगिंग और फोटो ली जाती है। जहाँ कई छोटे किसान एक ही पानी के स्रोत से जुड़े हों, वहाँ दिशानिर्देश समूह में इंस्टॉलेशन को बढ़ावा देते हैं।
कैसे तय करें
- पहले दूरी देखें। पास-पास बोई गई खेत की फसलों के लिए आम तौर पर स्प्रिंकलर ठीक रहता है; चौड़ी दूरी वाले पौधों के लिए ड्रिप।
- अपना पानी और पंप जाँचें। ड्रिप कम बहाव पर भी चलता है, लेकिन अच्छे फिल्टर चाहिए, खासकर रेतीले या गँदले ट्यूबवेल के पानी में। स्प्रिंकलर को पर्याप्त दबाव चाहिए; सोलर पंप चलाने का खर्च घटा सकता है (देखें सोलर पंप)।
- एक एकड़ के लिए पूरे सिस्टम का दाम निकालें और उसे अपनी सालाना पानी और मज़दूरी की बचत से मिलाएँ। फर्टिगेशन के साथ ड्रिप अक्सर बाग और सब्जी की फसलों में सबसे जल्दी लागत निकालता है।
- रखरखाव की योजना बनाएँ। लेटरल को फ्लश करें, फिल्टर हर हफ्ते साफ करें, और काई या नमक से हुए जाम का इलाज करें। TNAU के अनुसार ड्रिप सिस्टम की सफलता या विफलता फिल्टरेशन तय करता है।
हर सिस्टम की ज़्यादा जानकारी हमारे ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर सिंचाई पेजों पर है; दूसरी योजनाएँ सब्सिडी फाइंडर में देखें।