पौधों से नैचुरल बाड़ लगाने का आसान तरीका

खेती-बाड़ी में पौधों से बनी नैचुरल बाड़ न सिर्फ सुरक्षा देती है बल्कि खेत की सुंदरता भी बढ़ाती है। जानिए इसे लगाने का सही तरीका।

पौधों से नैचुरल बाड़ लगाने का आसान तरीका

नैचुरल बाड़ क्यों लगाएं?

भारत में किसान पारंपरिक बाड़ लगाने के लिए अक्सर लकड़ी या कांटेदार तारों का उपयोग करते हैं, लेकिन इनसे पर्यावरण पर असर पड़ता है और लागत भी ज़्यादा आती है। वहीं, पौधों से बनाई गई नैचुरल बाड़ सस्ती, टिकाऊ और सुंदर होती है।

पौधों से बाड़ के फायदे

  • कम लागत और रखरखाव
  • पर्यावरण के अनुकूल
  • जानवरों से खेत की सुरक्षा
  • मिट्टी संरक्षण और नमी को बनाए रखना
  • खेत की शोभा में वृद्धि

नैचुरल बाड़ के लिए उपयुक्त पौधे

1. करोंदा (Carissa carandas)

कांटेदार और झाड़ीदार पौधा है। जानवरों को खेत में घुसने से रोकता है और फल भी देता है।

2. बांस (Bamboo)

तेजी से बढ़ने वाला पौधा है, लंबे समय तक टिकाऊ रहता है और हवा या धूल से बचाव करता है।

3. कंटीली केक्टस प्रजातियाँ

कम पानी में जीवित रहने वाला पौधा, गर्म इलाकों के लिए उपयुक्त।

4. तकामार (Jatropha)

यह पौधा खेत के चारों ओर घना बाड़ बनाता है और इसका उपयोग बायोडीज़ल उत्पादन में भी होता है।

कैसे लगाएं पौधों की नैचुरल बाड़?

  • खेत की सीमारेखा चिह्नित करें।
  • 20-30 से.मी. गहरे गड्ढे खोदें।
  • 3-4 फीट के अंतर पर पौधों को लगाएं।
  • पौधों की समय-समय पर छंटाई करें ताकि वे घने और मजबूत बनें।
  • जरूरत के अनुसार सिंचाई करें।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • स्थान की जलवायु के अनुसार पौधों का चयन करें।
  • स्पेस का सही उपयोग करें ताकि खेत में हवा और धूप का आवागमन बना रहे।
  • शुरुआत में नियमित देखरेख ज़रूरी है।

निष्कर्ष

पौधों की नैचुरल बाड़ लगाने से न सिर्फ खेत की सुरक्षा सुनिश्चित होती है बल्कि इससे अतिरिक्त आमदनी और पर्यावरण की रक्षा भी होती है। यह तरीका भारतीय किसानों के लिए किफायती और उपयोगी है।

आप भी इस पर्यावरण-हितैषी उपाय को अपनाएं और अपने खेत की सुरक्षा और सुंदरता को बढ़ाएं। आज ही अपने गाँव के कृषि अधिकारी से संपर्क करें और सही पौधों के बारे में सलाह लें।

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