भारत में पॉलीहाउस खेती की पूरी गाइड
भारत में बदलते मौसम और बढ़ती मांग के बीच पॉलीहाउस खेती (Polyhouse Farming) किसानों के लिए एक स्थायी और लाभकारी विकल्प बनकर उभरी है। यह प्रणाली फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में बढ़ोतरी करती है। आइए जानें पॉलीहाउस खेती से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।
पॉलीहाउस खेती क्या है?
पॉलीहाउस एक प्रकार की संरक्षित खेती है, जिसमें पौधों को एक विशेष प्रकार की प्लास्टिक शीट से ढके ढांचे में उगाया जाता है। यह संरचना तापमान, नमी और प्रकाश के स्तर को नियंत्रित करती है, जिससे फसलें मौसम के प्रभाव से सुरक्षित रहती हैं।
पॉलीहाउस के प्रकार
- लो-कॉस्ट पॉलीहाउस (Low-Cost Polyhouse)
- मीडियम टेक्नोलॉजी पॉलीहाउस
- हाई टेक पॉलीहाउस (Hi-Tech Polyhouse)
भारत में प्रमुख फसलें जो पॉलीहाउस में उगाई जाती हैं
- टमाटर
- शिमला मिर्च
- गेंदा और गुलाब जैसे फूल
- खीरा (Cucumber)
- लेट्यूस और अन्य विदेशी सब्जियां
पॉलीहाउस खेती के फायदे
- उच्च उत्पादन क्षमता
- त्योहारों और ऑफ-सीजन में अधिक मुनाफा
- कीट और रोग नियंत्रण आसान
- जल और उर्वरकों की कम खपत
- गुणवत्तापूर्ण फसलें
पॉलीहाउस लगाने की लागत
1,000 वर्ग मीटर का साधारण पॉलीहाउस लगाने की लागत लगभग ₹7–₹10 लाख तक होती है। हाई-टेक मॉडल्स की लागत ₹15 लाख या उससे अधिक हो सकती है।
सरकारी सब्सिडी
राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) और अन्य योजनाओं के तहत किसानों को 50% से 70% तक सब्सिडी दी जाती है। सब्सिडी अलग-अलग राज्य और क्षेत्र पर निर्भर करती है।
कैसे शुरू करें पॉलीहाउस खेती?
- भूमि चयन और समतलीकरण करें
- कृषि विभाग या प्रमाणित एजेंसी से पॉलीहाउस बनवाएं
- फसल व बीज का चयन करें
- ड्रिप इरिगेशन और फर्टिगेशन सिस्टम लगाएं
- फसल की निगरानी और देखभाल करें
भारत में पॉलीहाउस खेती के लिए बेस्ट राज्य
- महाराष्ट्र
- कर्नाटक
- तेलंगाना
- उत्तर प्रदेश
- हरियाणा और पंजाब
चुनौतियाँ और सुझाव
- शुरुआती लागत अधिक होती है – इसलिए योजना बनाकर करें निवेश
- तकनीकी ज्ञान ज़रूरी है – कृषि विशेषज्ञ या प्रशिक्षित एजेंसियों से मार्गदर्शन लें
- फसल सुरक्षा को लेकर नियमित निगरानी जरूरी है
निष्कर्ष
पॉलीहाउस खेती भारत के किसानों के लिए आय और उत्पादकता बढ़ाने का बेहद असरदार तरीका है। सरकारी मदद और सही मार्गदर्शन से इसे सफलतापूर्वक शुरू किया जा सकता है।
क्या आप पॉलीहाउस खेती शुरू करना चाहते हैं?
आज ही अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क करें या किसी प्रमाणित पॉलीहाउस वेंडर से सलाह लें। सही जानकारी और योजना के साथ आप भी एक सफल पॉलीहाउस किसान बन सकते हैं!