भारत में ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन कैसे प्राप्त करें
अगर आप भारत में जैविक खेती कर रहे हैं और अपने उत्पादों को ऑर्गेनिक के रूप में मार्केट में बेचने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन लेना जरूरी है। यह प्रमाणपत्र न केवल आपके उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय और वैश्विक बाजारों में अच्छी कीमत दिलाने में मदद करता है।
ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन क्या है?
ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एक तरीका है जिसमें यह सत्यापित किया जाता है कि आपकी कृषि पद्धतियाँ और उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जैविक मानकों के अनुसार हैं। भारत में यह सर्टिफिकेशन राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) के तहत दिया जाता है।
ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन के लिए आवश्यक शर्तें
ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन प्राप्त करने से पहले आपको निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- खेत में पिछले 2-3 वर्षों से कोई रासायनिक उर्वरक या कीटनाशक न इस्तेमाल किया गया हो
- जैविक बीज और खाद का प्रयोग
- उपयुक्त फसल चक्र और मृदा प्रबन्धन का पालन
ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया
भारत में ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन प्राप्त करने की प्रमुख प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेशन बॉडी का चयन
आपको एक मान्यता प्राप्त प्रमाणन एजेंसी जैसे कि APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) द्वारा अनुमोदित किसी संस्था को चुनना होगा। कुछ प्रमुख एजेंसियाँ हैं:
- Indocert
- Ecocert
- OneCert
2. आवेदन और आवश्यक दस्तावेज़
सर्टिफिकेशन के लिए फॉर्म भरना होता है जिसमें निम्नलिखित दस्तावेज़ ज़रूरी होते हैं:
- खेत की जानकारी (खसरा नंबर, स्थान)
- कृषि पद्धति का विवरण
- फसल सूची
3. निरीक्षण और परीक्षण
सर्टिफिकेशन एजेंसी का एक अधिकारी आपके खेत का निरीक्षण करेगा और सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच करवाएगा कि आपकी खेती जैविक मानकों के अनुरूप है या नहीं।
4. सर्टिफिकेट जारी करना
सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे करने के बाद, आपको ऑर्गेनिक प्रोड्यूस सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। यह सर्टिफिकेट आमतौर पर एक वर्ष के लिए वैध होता है और हर साल नवीनीकरण करवाना होता है।
ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन के लाभ
- उत्पादों की बाज़ार में उच्च कीमत मिलती है
- निर्यात के लिए मान्यता प्राप्त होती है
- भूमि और पर्यावरण को क्षति कम होती है
- स्वास्थ्य के अनुकूल खाद्य उत्पादन संभव होता है
सरकारी सहायता और योजनाएं
भारत सरकार जैविक खेती बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है जैसे:
- PKVY (परमपरा गत कृषि विकास योजना)
- MOVCDNER (North East क्षेत्र में जैविक खेती)
- APEDA द्वारा तकनीकी और वित्तीय सहायता
निष्कर्ष
ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन न केवल आपकी खेती को एक नई पहचान देता है बल्कि आय भी बढ़ाने में मदद करता है। उचित जानकारी और सही प्रक्रिया अपनाकर कोई भी किसान यह प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकता है।
कॉल टू एक्शन
प्रिय किसान भाइयों, यदि आप भी अपनी खेती को जैविक रूप देना चाहते हैं और उच्च मूल्य पर उत्पाद बेचना चाहते हैं तो आज ही निकटतम सर्टिफिकेशन एजेंसी से संपर्क करें या कृषि विभाग से जानकारी प्राप्त करें। अपने खेत को ऑर्गेनिक बनाएं और आय दोगुनी करें!