राज्यवार जैविक खेती योजनाएं और सरकारी सहायता
भारत सरकार और राज्यों की सरकारें मिलकर जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। ये योजनाएं पर्यावरण को सुरक्षित रखने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक हैं। इस लेख में हम भारत के विभिन्न राज्यों में चल रही प्रमुख जैविक खेती योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे।
राष्ट्रीय स्तर की योजना
परमपरागत कृषि विकास योजना (PKVY)
यह केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है जो जैविक खेती अपनाने वाले किसानों को प्रशिक्षण, जैविक खाद, प्रमाणीकरण और मार्केटिंग में मदद करती है। इसे राज्यों के माध्यम से लागू किया जाता है।
राज्यवार प्रमुख जैविक खेती योजनाएं
उत्तराखंड: जैविक खेती मिशन
- राज्य का लक्ष्य पूरे प्रदेश को जैविक राज्य बनाना है।
- प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र, और जैविक उत्पाद विपणन में सहायता।
- जैविक क्लस्टर बनाकर एकीकृत खेती को प्रोहत्सान।
सिक्किम: पूर्ण जैविक राज्य
- भारत का पहला पूर्ण जैविक राज्य।
- रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर पूरी तरह रोक।
- राज्य सरकार द्वारा प्रमाणीकरण और उत्पाद की ब्रांडिंग में मदद।
मध्य प्रदेश: जैविक कृषि नीति
- राज्य सरकार की जैविक नीति के तहत जिलास्तरीय सहायता।
- ‘मध्यप्रदेश जैविक खेती बोर्ड’ के माध्यम से कार्यान्वयन।
- सब्सिडी, प्रमाणीकरण और विपणन सुविधाएं।
राजस्थान: राजस्थान जैविक नीति
- भूमि की उर्वरता बनाए रखने हेतु जैविक खेती को बढ़ावा।
- क्लस्टर बनाकर समूह खेती की व्यवस्था।
- राज्य सरकार द्वारा लागत में हिस्सेदारी।
केरल: जैविक कृषि विकास परियोजना (OFAP)
- सुपोषण और स्वास्थ्य उन्मुख खेती को बढ़ावा।
- गृहवाटिका, स्कूल खेती और महिला समूहों के लिए प्रोत्साहन।
जैविक खेती के लाभ
- मिट्टी की गुणवत्ता और जलधारण क्षमता में सुधार।
- स्वस्थ उत्पाद जिसकी मांग विदेशों में भी है।
- लंबे समय में कम लागत, अधिक लाभ।
किसान क्या कर सकते हैं?
- अपने जिले के कृषि अधिकारी से संपर्क कर राज्य योजनाओं की जानकारी लें।
- PKVY या राज्य योजना के तहत क्लस्टर में पंजीकरण कराएं।
- प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें और प्रमाणीकरण हासिल करें।
अंतिम निष्कर्ष
यदि आप भी जैविक खेती में रुचि रखते हैं, तो यह समय है आगे बढ़ने का। राज्य सरकारों की सहायता और केंद्र की योजनाओं का लाभ लेकर आप न केवल पर्यावरण मित्र खेती कर सकते हैं, बल्कि बेहतर आय भी प्राप्त कर सकते हैं।
कॉल टू एक्शन
प्रिय किसान भाइयों और बहनों, अपने नजदीकी कृषि विभाग से संपर्क करें और जानें आपके राज्य में उपलब्ध जैविक खेती योजनाओं के बारे में। सही मार्गदर्शन और सरकारी सहायता से आप अपना खेत और भविष्य दोनों संवार सकते हैं!