भारत में खेती को बदल रहे हैं ड्रोन

ड्रोन तकनीक भारतीय खेती में क्रांति ला रही है। इससे किसानों को समय, श्रम और लागत—all में राहत मिल रही है।

भारत में खेती को बदल रहे हैं ड्रोन

परिचय: स्मार्ट खेती की ओर कदम

भारतीय कृषि क्षेत्र तेजी से तकनीकी परिवर्तन से गुजर रहा है। इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है ड्रोन तकनीक का प्रयोग। ड्रोन अब सिर्फ सेना या फोटोग्राफी तक सीमित नहीं हैं; ये हमारे खेतों में क्रांति ला रहे हैं।

ड्रोन क्या हैं और ये खेती में कैसे मदद करते हैं?

ड्रोन एक प्रकार का रिमोट से चलने वाला हवाई यंत्र है, जो कैमरा और सेंसर की मदद से खेतों की निगरानी, स्प्रे और डाटा संग्रहण करता है।

कृषि में ड्रोन उपयोग के प्रमुख फायदे:

  • सटीक स्प्रे: कीटनाशक, उर्वरक और पानी का समान वितरण, जिससे फसल की पैदावार बढ़ती है।
  • समय की बचत: जहां परंपरागत छिड़काव में 1 एकड़ खेत में 1 घंटा लगता है, वहीं ड्रोन से 10 मिनट में हो जाता है।
  • कम खर्च: मज़दूरों की लागत घटती है और रसायनों की बर्बादी कम होती है।
  • फसल की निगरानी: ड्रोन कैमरे खेत की स्थिति, रोग और कीट पहचानने में मदद करते हैं।
  • डेटा आधारित निर्णय: ड्रोन से मिले डाटा के आधार पर किसान बेहतर योजना बना सकते हैं।

सरकारी योजनाएं ड्रोन को आगे बढ़ा रहीं

भारत सरकार ने ‘कृषि ड्रोन’ को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत ड्रोन से फसल निरीक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही किसानों को खरीद पर सब्सिडी भी मिल रही है।

ड्रोन के प्रयोग से जुड़े कुछ भारतीय केस स्टडी

महाराष्ट्र, पंजाब, और आंध्र प्रदेश के किसानों ने ड्रोन उपयोग से लाभ कमाना शुरू कर दिया है:

  • महाराष्ट्र में कपास के खेतों में स्प्रे की लागत में 40% तक कमी
  • आंध्र प्रदेश के चावल किसानों ने जल उपयोग में 30% की बचत की
  • पंजाब में गन्ना किसान ड्रोन डेटा से समय पर फसल रोग पहचान पा रहे हैं

चुनौतियाँ और समाधान

भले ही ड्रोन तकनीक खेती को सरल बना रही है, फिर भी कुछ चुनौतियाँ सामने हैं:

  • उच्च लागत: लेकिन FPO या सहकारी समितियों से साझा स्वामित्व समाधान हो सकता है
  • तकनीकी जानकारी की कमी: इसके लिए सरकार व निजी संस्थाएं प्रशिक्षण शिविर चला रही हैं
  • रेगुलेटरी अनुमतियां: DGCA से लाइसेंस प्रक्रिया अब आसान की जा रही है

निष्कर्ष: खेती का भविष्य ड्रोन के साथ

ड्रोन तकनीक खेती को सटीक, आधुनिक और मुनाफ़ेदार बना रही है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए सहयोगी मॉडल विकसित हो रहे हैं। यदि सही ट्रेनिंग और समर्थन मिले, तो भारत का हर किसान इसका लाभ उठा सकता है।

आप भी अपनाएं स्मार्ट खेती!

यदि आप भी अपनी खेती में ड्रोन का उपयोग करना चाहते हैं, तो नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें।

ड्रोन की मदद से खेती को बनाएं आसान, सस्ती और फ़ायदेमंद!

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